

लोकेशन- रुड़की
संवाददाता – अश्वनी उपाध्याय


कड़ाके की ठंड में जहां लोग घरों में ठिठुरन से बच रहे हैं, वहीं रुड़की के वरिष्ठ पत्रकार सलमान मलिक ने समाज के सबसे कमजोर वर्ग के बीच पहुंचकर इंसानियत की अनोखी मिसाल पेश की है। उन्होंने गरीब और असहाय बच्चों, महिलाओं तथा जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े वितरित किए, जिससे उनके चेहरों पर खुशी की चमक लौट आई।



रुड़की शहर में बढ़ती सर्दी के बीच सलमान मलिक का यह प्रयास मानवता का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है। वे स्वयं गरीब बस्तियों में पहुंचे और छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को स्वेटर, जैकेट और गर्म वस्त्र भेंट किए। गर्म कपड़े पाकर बच्चों की खिलखिलाती मुस्कान देखते ही बनती थी। इस मदद से न केवल उन्हें ठंड से राहत मिली, बल्कि यह भरोसा भी मिला कि समाज में कोई उनकी भी परवाह करता है।


सलमान मलिक ने बताया कि गरीबों की मदद करना उनके लिए सिर्फ मौसमी अभियान नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली मुहिम है। “हम हर महीने जरूरतमंद परिवारों की जरूरतों के अनुसार उनकी मदद करते रहते हैं। मेरा मानना है कि किसी बच्चे को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े देना सबसे बड़ी सेवा है,” उन्होंने कहा।



पत्रकार सलमान मलिक ने इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से भी अपील की कि वे आगे आएं और जरूरतमंदों की सहायता करें, ताकि कोई भी व्यक्ति आवश्यक सुविधाओं से वंचित न रहे।


समाजसेवा की यह पहल निःसंदेह सराहनीय है। सलमान मलिक का यह कदम न केवल मानवता की मिसाल है, बल्कि पत्रकारिता की सामाजिक जिम्मेदारी का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। उनके इस प्रयास से प्रेरित होकर निश्चित ही समाज के अन्य लोग भी सेवा के लिए आगे आएंगे।



