

लोकेशन,,, ज्योतिर्मठ
संजय कुंवर, ज्योतिर्मठ

श्री द्वार मंगलम के आयोजन के पश्चात अब बद्रीनाथ धाम में श्री हरि नारायण प्रभु की नित्य दैनिक पूजाओं का दायित्व मनुष्यों से देवताओं के पास आ गया है। इस अवसर पर बद्रीश पंचायत में अग्रज देवता गण—श्री कुबेर जी और उद्धव जी—भी अपनी शीतकालीन गद्दी स्थल पांडुकेश्वर में विराजमान हो गए हैं।





बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि शीतकाल में श्रद्धालु पौराणिक सप्त बदरी समूहों के विष्णु सर्किट में स्थित मंदिरों—आदि बदरी, वृद्ध बदरी, भविष्य बदरी, योग बदरी, ध्यान बदरी—सहित ज्योतिर्मठ के नरसिंह बदरी मंदिर में भगवान विष्णु के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।





उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि शीतकाल में इन सभी पौराणिक हिन्दू तीर्थ स्थलों में एक बार जरूर दर्शन हेतु आएं, ताकि धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव का लाभ प्राप्त किया जा सके।





