लोहाघाट के कैप्टन आनंद सिंह मेहरा—पहाड़ के बच्चों को बना रहे भविष्य के बॉक्सर, सुविधाओं के अभाव में भी जारी संघर्ष

लोहाघाट के कैप्टन आनंद सिंह मेहरा—पहाड़ के बच्चों को बना रहे भविष्य के बॉक्सर, सुविधाओं के अभाव में भी जारी संघर्ष

स्थान: लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

लोहाघाट के बिसंग क्षेत्र के रोतली महरा गांव से निकलकर बॉक्सिंग की दुनिया में बड़ा नाम कमाने वाले कैप्टन आनंद सिंह मेहरा आज भी युवाओं के दिलों में नई उम्मीद जगा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाने वाले कैप्टन मेहरा अब अपने गृह क्षेत्र में नई “बॉक्सर सेना” तैयार करने में पूरी लगन से जुटे हैं।

भारतीय सेना से रिटायरमेंट के बाद खेल विभाग चंपावत में कांटेक्ट प्रशिक्षक (बॉक्सिंग कोच) के रूप में तैनात कैप्टन मेहरा सीमित सुविधाओं के बावजूद बच्चों को उच्चस्तरीय ट्रेनिंग दे रहे हैं। रोजाना जीजीआईसी खेल मैदान, लोहाघाट में उनका कठोर प्रशिक्षण सत्र चलता है, जिसमें युवा ही नहीं बल्कि युवतियां भी बराबर कदम से कदम मिलाकर हिस्सा ले रही हैं।


“पढ़ाई के साथ खेल—भविष्य का मजबूत रास्ता” : कैप्टन मेहरा

कैप्टन मेहरा बताते हैं कि आज खेलों के जरिए युवाओं के लिए बेहतरीन करियर के रास्ते खुलते हैं।
उन्होंने कहा—

  • “एक अच्छे बॉक्सर के लिए रोजगार की कोई कमी नहीं है। भारतीय सेना, अर्धसैनिक बल, रेलवे सहित कई विभागों में अच्छे बॉक्सर की हमेशा मांग रहती है।”
  • “खेल विभाग में भी खिलाड़ियों के लिए कई विकल्प मौजूद हैं।”
  • “बॉक्सिंग करके NIOS के जरिए रोजगार के और भी रास्ते खुल जाते हैं।”

वे कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जाने के अवसर भी खुले रहते हैं और ओलंपिक तक पहुंचना भी संभव है।


सुविधाओं का अभाव—पर प्रदर्शन का जज़्बा बरकरार

कैप्टन मेहरा ने बताया कि लोहाघाट में बॉक्सिंग की मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव है।

  • ग्लव्स व अन्य सामग्री खेल विभाग की ओर से सीमित मात्रा में उपलब्ध होती है।
  • बॉक्सिंग रिंग व शेड की अत्यंत आवश्यकता है।

उनका मानना है कि यदि खिलाड़ियों को बेसिक सुविधाएं मिल जाएँ तो लोहाघाट से अंतरराष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर निकल सकते हैं।


खिलाड़ियों का सपना—देश के लिए खेलना

कैप्टन मेहरा की ट्रेनिंग लेने वाले युवा दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
राष्ट्रीय खिलाड़ी शिखा, तथा नीरज रावत, ऊषा, आराध्य आदि खिलाड़ियों ने कहा कि वे बॉक्सिंग को ही अपना करियर बनाना चाहते हैं और देश के लिए मेडल जीतना उनका सपना है।

वे कहते हैं—
“हमें कैप्टन मेहरा पर पूरा भरोसा है। उनके निर्देशन में हम मजबूत नींव के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”


खिलाड़ियों की मांग—बॉक्सिंग रिंग व शेड जल्द बनाया जाए

युवाओं ने शासन–प्रशासन और खेल विभाग से आग्रह किया है कि:

  • लोहाघाट में स्थायी बॉक्सिंग रिंग बनाई जाए
  • बॉक्सिंग प्रशिक्षण के लिए शेड की व्यवस्था हो
    ताकि ट्रेनिंग सुचारू रूप से चल सके।

खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी चंपावत से अनुरोध किया है कि लोहाघाट में बॉक्सिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाए। उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी मांग पर अवश्य कार्य होगा।