

स्थान – खटीमा, ऊधम सिंह नगर

रिपोर्ट – अशोक सरकार

खटीमा रेंज, सुरही रेंज और खिलपुरा रेंज के सभी स्टाफ के बीच विलेज वॉलिंटियर प्रोटेक्शन फोर्स (VVPF) को मजबूत करने के लिए बैठक आयोजित की गई। यह फोर्स पूरे उत्तराखंड में वन विभाग और WWF (वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड) के सहयोग से बनाई गई है।





बैठक में रेंजर महेश चंद जोशी ने बताया कि यह फोर्स स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक और प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से बनाई गई है। ग्रामीण ही प्राथमिक स्तर पर अपने गांव और जंगल के आसपास रहते हैं, इसलिए वन्य जीव संघर्ष की जानकारी सबसे पहले उन्हें ही होती है।

फोर्स की कार्यप्रणाली और ट्रेनिंग
- ग्रामीणों को वन्य जीव संघर्ष से निपटने के तरीके सिखाए जाते हैं।
- WWF और वन विभाग की तरफ से फोर्स को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
- प्रत्येक गांव से तीन-चार प्रतिनिधि चयनित कर टीम बनायी जाती है, जो संघर्ष की सूचना वन विभाग तक पहुंचाती है।
गांवों में उपकरण और मेंटेनेंस
बैठक में ग्रामीणों को लाइट्स प्रदान करने और उनके मेंटेनेंस पर चर्चा की गई। योजना है कि प्रत्येक घर से मासिक 10 रुपये एकत्रित करके सालभर के मेंटेनेंस का खर्च पूरा किया जाएगा।




के-के-एस कॉरिडोर और फोर्स का महत्व
रेंजर महेश चंद जोशी ने बताया कि खटीमा, सुरही और खिलपुरा रेंज में के-के-एस कॉरिडोर बनाया गया है। विलेज वॉलिंटियर प्रोटेक्शन फोर्स इसी कॉरिडोर में वन्य जीव संघर्ष को रोकने और सूचना एकत्रित करने के लिए कार्यरत है।
वन विभाग का कहना है कि स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से वन्य जीवों और मानव समुदाय के बीच संघर्ष कम करने में मदद मिलेगी और यह फोर्स उत्तराखंड के जंगलों में सुरक्षा और संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





