

रिपोर्टर : अज़हर मलिक
लोकेशन : बाजपुर, उधम सिंह नगर


देवभूमि उत्तराखंड—आस्था, संतों और अध्यात्म की भूमि—अब ढोंगी साधु-फकीरों की शरणस्थली बनती जा रही थी। बाहरी राज्यों से कई अपराधी साधु का वेश धारण कर उत्तराखंड की शांत वादियों में छिपने लगे थे। लेकिन अब ऐसे नकली बाबाओं के दिन पूरे प्रदेश में “ऑपरेशन कालनेमी” के साथ लद गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शुरू हुए इस मिशन का लक्ष्य है—आस्था की आड़ में अपराध करने वालों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे पहुंचाना।



बाजपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई—नौ नकली साधु पकड़े गए
उच्चाधिकारियों के आदेश पर बाजपुर कोतवाली पुलिस ने शहर में विशेष जांच अभियान चलाया।
कोतवाल नरेश चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सघन चेकिंग की, जिसमें साधु का भेष धारण कर घूम रहे नौ संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया। सभी को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है।


पुलिस का कहना है कि कई अपराधी उत्तराखंड में साधु का वेश अपनाकर छिपने की कोशिश करते हैं, इसलिए इस तरह की पड़ताल बेहद जरूरी है।


रुद्रपुर में भी 12 संदिग्ध साधु हिरासत में
उधर उधमसिंहनगर जिले में रुद्रपुर पुलिस ने भी इसी अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की।
शहर के विभिन्न इलाकों से 12 लोगों को साधु के भेष में संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए पकड़ा गया।

एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि सभी का विस्तृत वेरिफिकेशन किया गया है।
जो लोग स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए या जिनका व्यवहार संदिग्ध पाया गया, उनका चालान भी किया गया है।

सरकार का साफ संदेश — “आस्था की आड़ में अपराध बर्दाश्त नहीं”
ऑपरेशन कालनेमी के शुरू होते ही प्रदेशभर में पुलिस लगातार मैदान में उतर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने साफ किया है कि जो भी व्यक्ति साधु के वेश में अपराध को बढ़ावा देता मिलेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


बाजपुर और रुद्रपुर में हुई कार्रवाई इस बात का मजबूत संकेत है कि राज्य सरकार आस्था और अपराध के इस गठजोड़ को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह गंभीर है।

आने वाले दिनों में और तेज होगा अभियान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
प्रदेश में घूम रहे हर संदिग्ध साधु, फकीर या पाखंडी की कड़ी जांच, वेरिफिकेशन और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


