उत्तराखंड में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रीन सेस अनिवार्य, बाहरी वाहनों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग शुरू

उत्तराखंड में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रीन सेस अनिवार्य, बाहरी वाहनों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग शुरू

टॉप…. हल्द्वानी
रिपोर्ट… ऋषि कपूर

देवभूमि उत्तराखंड—पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्य सरकार अब कड़े कदम उठा रही है। राज्य में प्रवेश करने वाले सभी बाहरी वाहनों पर ग्रीन सेस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। आरटीओ विभाग के अनुसार, बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के कारण प्रदूषण स्तर में लगातार वृद्धि हो रही थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।

ग्रीन सेस की प्रमुख बातें

  • ग्रीन सेस हर छोटे-बड़े वाहन में अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा।
  • शुल्क वाहन के प्रकार के अनुसार निर्धारित होगा।
  • इलेक्ट्रिक वाहन (EV), CNG वाहन, सरकारी वाहन, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड इस शुल्क से मुक्त रहेंगे।
  • ग्रीन सेस का वसूल FASTag के जरिए किया जाएगा।
  • राज्य में प्रवेश पर ENPR कैमरों की मदद से वाहन की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।
  • एक एंट्री का चार्ज 24 घंटे के लिए वैध रहेगा।

राज्य सरकार का उद्देश्य

सरकार को जो राशि मिलेगी, उसे वायु प्रदूषण नियंत्रण, सड़क-धूल नियंत्रण, हरित अवसंरचना (पेड़ और ग्रीन स्पेस), और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट पर खर्च किया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण में मदद

आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि यह सिस्टम हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने और प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस पहल से न केवल राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि यातायात प्रबंधन और हरित क्षेत्र विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।