उधम सिंह नगर में आवारा कुत्तों का बढ़ता खतरा, रुद्रपुर–काशीपुर में हालात गंभीर

उधम सिंह नगर में आवारा कुत्तों का बढ़ता खतरा, रुद्रपुर–काशीपुर में हालात गंभीर

रिपोर्टर : अज़हर मलिक
लोकेशन : उधम सिंह नगर

उधम सिंह नगर जिले में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला मुख्यालय रुद्रपुर में हमलों की बढ़ती घटनाओं के बाद कार्रवाई जरूर शुरू हुई है, लेकिन काशीपुर की स्थिति अब और भी ज्यादा चिंताजनक बन चुकी है। शहर की गलियों, सड़कों और कॉलोनियों में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे लोग घरों से निकलने में भी भय महसूस कर रहे हैं।

रुद्रपुर में रोज 50–60 लोग पहुंच रहे अस्पताल
रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप, खेड़ा, आवास विकास और भूतबंगला क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 50 से 60 लोग कुत्तों के काटने के बाद रेबीज़ का टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि कई मरीजों में गहरे घाव, बुखार, बैक्टीरियल संक्रमण और रेबीज़ जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा बढ़ रहा है।

नगर निगम ने रुद्रपुर में डॉग शेल्टर बनाकर अभियान शुरू किया है, जिससे कुछ राहत जरूर दिखाई दे रही है।

काशीपुर में हालात और भयावह
उधर, काशीपुर में कुत्तों का आतंक तेजी से बढ़ रहा है। लगभग हर मोहल्ले, गली और चौराहे पर कुत्तों के झुंड नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि कार्रवाई हो तो रही है, लेकिन उतनी सख्त और जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं दिख रही।

कई क्षेत्रों में कुत्ते कूड़े से भरी पॉलिथीन को फाड़ देते हैं, जिससे सड़कें गंदगी से भर जाती हैं। इस फैली गंदगी से बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जो कॉलरा, वायरल फीवर, डायरिया, खूनी दस्त और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियों को जन्म दे रहा है।

बच्चों और बुजुर्गों पर हमले बढ़े
कई स्थानों पर कुत्तों के झुंड अचानक बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं। इस वजह से लोग सुबह-शाम टहलने या घर से बाहर निकलने में भी डरने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।

काशीपुर में कार्रवाई कब होगी तेज?
रुद्रपुर में जहां डॉग शेल्टर और पकड़ो अभियान से कुछ सुधार देखने को मिला है, वहीं काशीपुर में अभी भी ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है। कुत्तों का बढ़ता आतंक, कूड़े के फैलाव से बढ़ती बीमारियाँ और प्रशासन की धीमी कार्रवाई—ये सब मिलकर हालात को और गंभीर बना रहे हैं।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या प्रशासन काशीपुर में भी रुद्रपुर की तरह कड़े कदम उठाता है या फिर आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ती जाएगी।