नैनीताल नगर पालिका में फिर बढ़ा विवाद, सभासदों का बोर्ड बैठक से बहिष्कार

नैनीताल नगर पालिका में फिर बढ़ा विवाद, सभासदों का बोर्ड बैठक से बहिष्कार

रिपोर्ट – सुनील बोरा

स्थान – नैनीताल

सरोवर नगरी नैनीताल की नगर पालिका में विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगभग एक वर्ष के कार्यकाल में पालिका लगातार विवादों के घेरे में घिरी रही है। ताज़ा मामले ने एक बार फिर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मंगलवार देर शाम सभासद लता दफौटी ने पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल पर बदसलूकी का आरोप लगाया। आरोपों के बाद सभी सभासद एकजुट होकर अध्यक्ष से बातचीत करने उनके कार्यालय पहुंचे। लेकिन मामला सुलझने के बजाय और गंभीर हो गया। कथित रूप से धक्कामुक्की के दौरान अध्यक्ष कक्ष के दरवाज़े का शीशा टूट गया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। इसके बाद सभासदों ने आगामी बोर्ड बैठक के बहिष्कार की घोषणा कर दी। वहीं, अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल ने मीडिया से दूरी बनाए रखी।

अध्यक्ष का पक्ष— आरोप बेबुनियाद
विवाद बढ़ता देख पालिका अध्यक्ष द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में सरस्वती खेतवाल ने सभासद लता दफौटी द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने बताया कि उनके कक्ष में पिछले चार दिनों से ऑडिट प्रक्रिया चल रही थी और इसी दौरान उनकी एक रिश्तेदार थोड़े समय के लिए उनसे मिलने आई थीं। उन्होंने कहा कि अनावश्यक हंगामे की वजह से कल प्रस्तावित बोर्ड बैठक को स्थगित करना पड़ा है।

सभासदों ने जताई नाराज़गी, आंदोलन की चेतावनी
सभासदों ने भी अलग से प्रेस वार्ता कर पालिका अध्यक्ष की कार्यशैली और व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और नगरवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। सभासदों ने निर्णय लिया कि वे अपनी मांगें लिखित रूप में अध्यक्ष को सौंपेंगे, लेकिन व्यक्तिगत रूप से मिलने नहीं जाएंगे।

सभासदों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में जनता की समस्याओं— कूड़ा निस्तारण, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट, वार्डों की मूलभूत सुविधाएं—का समाधान नहीं किया गया, तो वे जनता को साथ लेकर आंदोलन करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि नगर हित में जल्द से जल्द सौहार्दपूर्ण माहौल बनना चाहिए और बोर्ड बैठक बुलाकर समस्याओं का समाधान किया जाना आवश्यक है।