कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने किए भगवान बदरीविशाल के दर्शन

कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने किए भगवान बदरीविशाल के दर्शन

लोकेशन,, बद्रीनाथ
रिपोर्ट,,संजय कुंवर, बद्रीनाथ धाम

प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

प्रदेश के कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी आज प्रातः श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलकामना की। मंत्री जोशी के साथ उनके पारिवारिक सदस्य भी दर्शन हेतु उपस्थित रहे।

बीकेटीसी ने किया स्वागत

बदरीनाथ धाम पहुंचने पर बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया।
दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद बीकेटीसी की ओर से मंत्री गणेश जोशी को प्रसाद, तुलसी माला और अंगवस्त्र भेंट किया गया।

इसके पहले बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल ने मंत्री का धाम में स्वागत किया।

यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा

मुख्य कार्याधिकारी ने कैबिनेट मंत्री को बदरीनाथ धाम की यात्रा व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधन, दर्शन प्रणाली, यात्री सुविधाओं और कपाट बंद होने की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि—

  • बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निर्देशन में बदरी–केदार यात्रा सफलतापूर्वक संचालित हुई है।
  • 23 अक्टूबर को केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो चुके हैं।
  • 25 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होंगे।
  • अब तक साढ़े सोलह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए हैं।

सरकार की प्राथमिकता — तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधाएं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने मंदिर समिति द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधन और यात्री सेवाओं की सराहना की।

मास्टर प्लान के कार्यों का निरीक्षण

मंत्री जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप बदरीनाथ धाम को दिव्य एवं भव्य बनाने के लिए चल रहे मास्टर प्लान कार्यों का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि देवभूमि में आने वाले श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है।

उपस्थित गणमान्यजन

इस अवसर पर पूर्व उपाध्यक्ष किशोर पंवार, प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, लेखाकार भूपेंद्र रावत, प्रभारी दफेदार हरेंद्र कोठारी, विकास सनवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।