


रिपोर्ट – इलम सिंह चौहान/ चकराता
स्थान – देहरादून

जौनसार–बावर के सर्वांगीण विकास पर विशेषज्ञों का गहन मंथन

गढ़ बैराट समाचार पत्र के 20 साल पूरे होने के अवसर पर नवीन चकराता में एक विशेष प्रबुद्ध जन सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जौनसार–बावर, जौनपुर–रंवाई क्षेत्र के बुद्धिजीवी, समाजसेवी, वरिष्ठजन, पत्रकार और शिक्षाविद बड़ी संख्या में शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जौनसार–बावर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस सुझाव और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करना था।




संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन और कृषि-बागवानी पर केंद्रित विचार-विमर्श
सम्मेलन के दौरान क्षेत्र की संस्कृति, शिक्षा व्यवस्था, ग्रामीण पर्यटन, कृषि और बागवानी आधारित विकास मॉडल पर विस्तार से चर्चा हुई।
विशेषज्ञों ने कहा कि यदि इन चारों क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए तो जौनसार–बावर तेजी से विकसित हो सकता है।


विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों के प्रमुख विचार
- पद्मश्री डॉ. प्रेमचंद शर्मा ने युवाओं को बागवानी, औषधीय पौधों की खेती और ग्रामीण पर्यटन से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र की जलवायु इन क्षेत्रों में बड़ी संभावनाएं पैदा करती है।
- विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने जौनसार–बावर की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
- कई वक्ताओं ने खेती-बाड़ी को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के सुझाव दिए।
- साथ ही बाहरी व्यक्तियों के नाम पर भूमि दर्ज होने को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई और इस पर रोक लगाने के प्रभावी उपाय सुझाए गए।



सम्मान और पुस्तक लोकार्पण
कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कला जोशी को सम्मानित किया गया। उनकी उत्तरायण होटल श्रृंखला के माध्यम से क्षेत्र के सौ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।
इसी दौरान जौनसार–बावर की दिवंगत विभूतियां पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया, जिसमें क्षेत्र की 137 दिवंगत हस्तियों का विस्तृत जीवन परिचय शामिल है।

कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थितियां
सम्मेलन में पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा, नगरपालिका अध्यक्ष धीरज नौटियाल, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बोबी नौटियाल, समेत अनेक गणमान्य और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

यह सम्मेलन जौनसार–बावर क्षेत्र के भविष्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जहां सांस्कृतिक संरक्षण और आधुनिक विकास के संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया।





