

रिपोर्ट – सुनील बोरा

स्थान – नैनीताल

शहर की दशकों पुरानी सीवेज समस्या को दूर करने के लिए बनाई गई ₹110 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना अब सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि नई चौड़ी पाइप लाइन डालने के बजाय पुरानी पाइप को अंदर से लेयर लगाकर और भी संकरा कर दिया गया। इसके अलावा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को ऐसी जगह बनाया गया जो पहले से ही भूस्खलन की जद में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जांच समिति गठित कर दी है।




4 वर्ष पुराना प्रोजेक्ट, अब उठे गंभीर सवाल
नैनीताल की मॉल रोड से रूसी गांव तक सीवेज प्रबंधन सुधारने के लिए उत्तराखंड इंटीग्रेटेड एंड रेज़ीलियंट अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (UIRUDP) के अंतर्गत कार्य शुरू हुआ था। नवंबर 2021 से शुरू हुई इस परियोजना को मई 2025 तक पूरा किया जाना था।
मल्लीताल रिक्शा स्टैंड से मॉल रोड और हल्द्वानी रोड होते हुए रूसी बायपास STP तक सीवेज पहुंचाने के लिए नई पाइप लाइन बिछाने का काम तिरुपति सीमेंट प्रोडक्ट्स को ₹96.15 करोड़ में मिला था, जिसकी लागत बाद में बढ़कर लगभग ₹110 करोड़ बताई गई।


इस परियोजना के तहत
- नई 900 एमएम डायामीटर वाली D.I. (मैटल) पाइप डालने का प्रावधान था,
- जिससे STP की क्षमता 17.50 MLD तक बढ़ जानी थी।
पुरानी पाइप की मरम्मत कर काम निपटाने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, 1982 में शहर की 10 हजार की आबादी को देखते हुए 600 एमएम की RCC पाइप लाइन डाली गई थी। अब जब आबादी 2 से 5 लाख के बीच पहुंच चुकी है, तो बड़ी पाइप डालने की आवश्यकता थी।
लेकिन ठेकेदार ने कथित रूप से पुरानी पाइप को ही अंदर से रिपेयर कर दिया, जिससे
- पाइप का व्यास बढ़ने के बजाय 2 सेंटीमीटर कम हो गया।
- नतीजा, मॉल रोड पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से हुआ है, और करोड़ों की योजना जनता को राहत देने के बजाय कागजों में पूरी कर दी गई।




STP निर्माण स्थल पर भूस्खलन, काम ठप
परियोजना के तहत बनाया जा रहा STP लगभग 70% पूरा हुआ ही था कि भवन के सामने भारी भूस्खलन हो गया। इससे प्लांट का निर्माण कार्य रुक गया है। अब प्रशासन STP के लिए नई सुरक्षित जगह तलाश रहा है।
इस घटना ने परियोजना के तकनीकी परीक्षण और साइट चयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज
नैनीताल के ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरवासियों में इस परियोजना को लेकर भारी रोष है। लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जांच में सच सामने आएगा और शहर को लंबे समय से परेशान कर रही सीवेज समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा।





