

लोकेशन… हल्द्वानी
रिपोर्ट… ऋषि कपूर

अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के अवसर पर “एक समाज श्रेष्ठ समाज” संस्था ने पुरुषों के संरक्षण और अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद की। संस्था के प्रतिनिधियों ने सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द पुरुष आयोग और पुरुष कल्याण मंत्रालय के गठन की मांग उठाई।




संस्था ने ज्ञापन में कहा कि देश में बड़ी संख्या में निर्दोष पुरुषों को छेड़छाड़, मारपीट, यौन शोषण, दहेज प्रथा और बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में झूठे आरोपों के तहत फंसाया जा रहा है। पुरुषों के खिलाफ इन मामलों में शिकायत दर्ज होते ही उन्हें तुरंत अपराधी की तरह देखा जाता है, जबकि कई बार उनके निर्दोष होने के प्रमाण भी नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि झूठे मामलों के जरिये कई पुरुषों से समझौते के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये की मांग की जाती है। समाज में सम्मान बचाने के लिए पुरुष कर्ज लेकर रकम चुकाने को मजबूर हो जाते हैं, जबकि जो पुरुष रकम नहीं दे पाते, उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेज दिया जाता है। इससे उनका भविष्य अंधकार में चला जाता है और समाज में उनके प्रति नकारात्मक सोच बन जाती है।




संस्था ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में सहायता न मिलने के कारण कई पुरुष मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं और कई बार आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं। संस्था का तर्क है कि यदि देश में पुरुष आयोग या पुरुष कल्याण मंत्रालय होता, तो फर्जी मामलों में फंसाए गए पुरुष कानूनी और सामाजिक मदद पा सकते थे।
ज्ञापन में मांग की गई कि—

- केंद्र सरकार जल्द पुरुष आयोग और पुरुष कल्याण मंत्रालय का गठन करे
- झूठे मामलों में फंसाए गए पुरुषों को हुए नुकसान की पूर्ण क्षतिपूर्ति की जाए
- पुरुष कल्याण के लिए अलग बजट और सरकारी योजनाएं बनाई जाएँ
- पुरुषों के अधिकारों की रक्षा हेतु कानूनी ढांचा मजबूत किया जाए
संस्था ने कहा कि पुरुषों के लिए प्रभावी तंत्र बनाकर ही समाज में पुरुष एवं महिला के बीच बढ़ती दूरी और मतभेद को कम किया जा सकता है तथा निर्दोष पुरुषों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने से रोका जा सकता है।





