जसपुर मिनी स्टेडियम विवाद गरमाया: 1.60 करोड़ खर्च का दावा जांच के दायरे में, भ्रष्टाचार के आरोप तेज

जसपुर मिनी स्टेडियम विवाद गरमाया: 1.60 करोड़ खर्च का दावा जांच के दायरे में, भ्रष्टाचार के आरोप तेज

रिपोर्टर : अजहर मलिक
लोकेशन : जसपुर/उधम सिंह नगर

जसपुर में मिनी स्टेडियम को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। करनपुर में मिनी स्टेडियम की घोषणा और उस पर 1 करोड़ 60 लाख रुपये खर्च होने का दावा अब गंभीर सवालों के घेरे में है। खेल प्रेमियों की मांग पर वर्षों पहले मिनी स्टेडियम घोषित किया गया था, लेकिन आज तक न मैदान बना, न कोई निर्माण कार्य दिखाई देता है। इसके बावजूद भारी बजट खर्च होने की खबरों ने पूरे मामले पर घोटाले के साए को गहरा कर दिया है।

जसपुर के युवाओं ने लंबे समय से स्टेडियम की मांग उठाई है, लेकिन यह मुद्दा चुनावी मौसम में राजनीतिक पार्टियों का पसंदीदा वादा बनकर रह गया। चुनाव आते हैं तो स्टेडियम का वादा होता है, मगर जमीन, बजट और निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती।

इसी बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विनय रुहेला, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि करनपुर में मिनी स्टेडियम की घोषणा तो हुई थी, लेकिन न तो सरकार की ओर से कोई नोटिफिकेशन जारी हुआ, न ही खेल विभाग ने कोई बजट स्वीकृत किया। ऐसे में सवाल उठता है कि 1.60 करोड़ रुपये आए कहां से और खर्च कहां हुआ? रुहेला ने स्पष्ट कहा कि पूरा मामला जांच का विषय है और इसमें भ्रष्टाचार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

दूसरी ओर जसपुर में वास्तविक स्टेडियम की मांग अभी भी अधर में लटकी है। स्टेडियम निर्माण के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश जारी है। सिडकुल की जमीन इस समय विवाद का केंद्र बनी हुई है, क्योंकि वह औद्योगिक उपयोग के लिए चिह्नित है और वहां स्टेडियम बनना लगभग असंभव माना जा रहा है।

विनय रुहेला का कहना है कि —
“जसपुर के बच्चों के लिए स्टेडियम बेहद जरूरी है। हम पूरी गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं, ताकि जल्द ही समाधान निकल सके।”

हालांकि, जसपुर के खेल प्रेमियों और युवाओं में बढ़ती नाराज़गी साफ झलकती है। वर्षों बीत जाने के बाद भी न जमीन तय हो पाई, न स्टेडियम बनने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। अब करनपुर प्रोजेक्ट में घोटाले के आरोप सामने आने से लोगों में आक्रोश और गहराता जा रहा है।