

रिपोर्ट: ललित जोशी

स्थान: नैनीताल

सरोवर नगरी नैनीताल से सटे हल्द्वानी में पत्रकार पर हमले की घटना के बाद पूरे उत्तराखंड में पत्रकार समाज में रोष व्याप्त है। दरअसल, पत्रकार दीपक अधिकारी अपने साथी के साथ नाले के पास चल रहे अवैध निर्माण की कवरेज के लिए मौके पर पहुंचे थे, जहाँ बिल्डरों द्वारा नाले के किनारे नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा था।

दीपक अधिकारी इस पूरे मामले को अपने न्यूज़ चैनल के माध्यम से जनता, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने लाना चाहते थे, ताकि लोगों को यह सच्चाई पता चल सके कि किस तरह नालों के किनारे अवैध निर्माण हो रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।





लेकिन कवरेज के दौरान ही बिल्डर अजित चौहान और अनिल चौहान ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे पत्रकार दीपक अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें देर रात कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे प्रदेश के पत्रकार संगठनों में आक्रोश फैल गया। पत्रकारों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
सुबह होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लिया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिला और पुलिस प्रशासन एक्शन में आ गया। हल्द्वानी ऊँचा पुल के पास नाले में किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।




मुख्यमंत्री धामी के बुलडोज़र ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को तहस-नहस कर दिया, जबकि दोनों आरोपी बिल्डरों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उनकी जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
घटना का तत्काल संज्ञान कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, और एसएसपी मंजूनाथ टी.सी. ने लिया। उन्होंने पूरी टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया और मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक राय, नगर आयुक्त पारितोष वर्मा, प्राधिकरण सचिव विजय नारायण शुक्ला और तहसीलदार कुलदीप पांडे भी मौजूद रहे।

पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वहीं मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि “पत्रकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”





