लोहाघाट पशु चिकित्सालय की एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें बनीं ‘सफेद हाथी’, टेक्नीशियन की कमी से उपचार प्रभावित

लोहाघाट पशु चिकित्सालय की एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें बनीं ‘सफेद हाथी’, टेक्नीशियन की कमी से उपचार प्रभावित

स्थान: लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

सरकार द्वारा लाखों रुपए की लागत से लोहाघाट पशु चिकित्सालय में स्थापित एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें आज भी ठंडी पड़ी हैं। मशीनें तो लगवा दी गई हैं, लेकिन इन्हें चलाने के लिए टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं होने के कारण ये पूरी तरह से कार्यरत नहीं हो पा रही हैं।

इसकी वजह से पशु चिकित्सालय में पशुओं की बीमारी का सही से पता नहीं चल पा रहा है और उचित उपचार भी नहीं हो पा रहा। पशुपालकों को अपने पशुओं का अल्ट्रासाउंड या एक्स-रे कराने के लिए बरेली, हल्द्वानी जैसे शहरों तक दौड़ लगानी पड़ रही है।

क्षेत्र के पशुपालक शिवम जोशी ने बताया कि उन्हें अपने डॉग का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बरेली जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यही समस्या क्षेत्र के कई पशुपालकों के लिए भी है। पशुपालकों का कहना है कि जांच न होने के कारण पशुओं की बीमारी का पता नहीं चलता और चिकित्सकों को उपचार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

लोहाघाट पशु चिकित्सालय के डॉक्टर जनक चंद ने पुष्टि की कि अस्पताल में मशीनें तो मौजूद हैं, लेकिन टेक्नीशियन की कमी के कारण ये सुविधा सामान्य रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रही। उन्होंने बताया कि किसी तरह क्षेत्र के अन्य पशु चिकित्सकों द्वारा वैकल्पिक रूप से मशीनें चलाकर सुविधा दी जा रही है, लेकिन स्थाई टेक्नीशियन न होने के कारण उपचार में लगातार दिक्कतें आ रही हैं।

पशुपालकों और चिकित्सकों ने शासन प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि लोहाघाट पशु चिकित्सालय में स्थायी टेक्नीशियन तैनात किया जाए, ताकि पशुओं का समय पर और सही तरीके से उपचार किया जा सके।