

स्थान: देहरादून
उत्तराखंड विधानसभा में आयोजित तीन दिवसीय विशेष सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। यह विशेष सत्र राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू हुआ था, जिसकी कार्रवाई कुल 20 घंटे 23 मिनट तक चली। सत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों दलों के विधायकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।




संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि इस सत्र में दोनों ही दलों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उत्तराखंड की 25 वर्षों की यात्रा पर चर्चा की। साथ ही आने वाले 25 वर्षों के विकास विजन को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। उन्होंने कहा कि बीते 25 वर्षों में उत्तराखंड के जितने भी मुख्यमंत्री रहे, उनके योगदान की मुक्त कंठ से प्रशंसा की गई, ताकि राज्य को भविष्य में और बेहतर दिशा मिल सके।





वहीं, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सत्र के दौरान सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार द्वारा गिनाई गई उपलब्धियां “झूठ का पुलिंदा” हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 13 वर्ष भाजपा और 10 वर्ष कांग्रेस की सरकार रही है, इसलिए भाजपा को ईमानदारी से अपने शासनकाल का मूल्यांकन करना चाहिए। यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड के विकास की नींव स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी की सरकार ने रखी थी, जिन्होंने राज्य को नए विकास आयाम दिए।





