

रिपोर्ट- दीपक नौटियाल
स्थान- उत्तरकाशी

देवभूमि उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बढ़ते शराब के चलन को रोकने के लिए अब ग्रामीण खुद आगे आ रहे हैं। उत्तरकाशी जिले के डुंडा ब्लॉक के ग्राम लोदाडा में ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है — अब किसी भी शादी या सामाजिक कार्यक्रम में शराब परोसी गई तो उस परिवार पर ₹51 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा और पूरे गांव के लोग उसके कार्यक्रम से दूरी बनाए रखेंगे।




ग्राम प्रधान कविता बुटोला, महिला मंगल दल और युवा मंगल दल के नेतृत्व में हुई बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। ग्रामीणों ने तय किया कि शादी, चूड़ाकर्म या अन्य धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों में शराब परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगर किसी परिवार ने नियम का उल्लंघन किया तो न केवल जुर्माना देना होगा, बल्कि उसका सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा। ऐसे परिवार के किसी भी सदस्य को ग्राम स्तर के कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।




ग्राम प्रधान कविता बुटोला ने कहा कि “शराब पीना न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि समाज के लिए भी हानिकारक है। पहले भी गांव में जब-जब शराब परोसी गई, झगड़े और अशांति की घटनाएं हुईं।” उन्होंने बताया कि ग्रामीणों में यह चिंता बढ़ रही थी कि अगर शराब का चलन इसी तरह जारी रहा, तो युवा पीढ़ी रोजगार से भटककर नशे और अपराधों की राह पर जा सकती है।


गांव के इस निर्णय की चर्चा अब आसपास के क्षेत्रों में भी हो रही है। अन्य गांवों के लोग लोदाडा की इस पहल की सराहना कर रहे हैं, और कई जगह इसी तरह के प्रतिबंध लगाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

यह कदम न केवल एक सामाजिक सुधार की दिशा में उदाहरण बना है, बल्कि ग्रामीण एकता और जागरूकता का प्रतीक भी बन गया है।




