मलेथा में विधायक के “विकास पर्व” आयोजन पर विवाद, ग्राम प्रधान समेत ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी

मलेथा में विधायक के “विकास पर्व” आयोजन पर विवाद, ग्राम प्रधान समेत ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी

रिपोर्ट: भगवान‌ सिंह

स्थान: देवप्रयाग (टिहरी गढ़वाल)

वीर माधौ सिंह भंडारी के ऐतिहासिक गाँव मलेथा में आयोजित विधायक के “विकास पर्व” कार्यक्रम को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि इस कार्यक्रम का आयोजन बिना ग्राम प्रधान को आमंत्रित किए किया गया, जिसके चलते ग्राम प्रधान रजनी रावत समेत कई ग्रामीणों में नाराज़गी फैल गई।

ग्राम प्रधान रजनी रावत ने इस आयोजन को “राजनीति से प्रेरित” बताया और कहा कि जानबूझकर ग्राम प्रधान को न बुलाकर गाँव में आपसी फूट डालने की कोशिश की गई है। उन्होंने बताया कि गाँव के लगभग 20 प्रतिशत लोग विधायक के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जिसके बाद ग्रामीणों ने अलग से ईगास पर्व मनाया।

कार्यक्रम से पहले ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने वीर माधौ सिंह भंडारी की मूर्ति स्थल पर साफ-सफाई अभियान चलाया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद गांव में सामूहिक रूप से ईगास पर्व मनाया गया।

ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि विधायक के कार्यक्रम की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई और यह कदम केवल राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से उठाया गया है।

वहीं, ग्रामीण सत्येंद्र भट्ट ने भी स्थानीय विधायक विनोद कंडारी पर क्षेत्र के विकास कार्यों की अनदेखी और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधायक ने कार्यक्रम से पहले मूर्ति स्थल की स्थिति तक नहीं देखी, जबकि ग्रामीणों ने स्वयं उसकी सफाई कराई।

ग्रामीणों का कहना है कि विधायक की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है — वे असहमति जताने वालों को व्यक्तिगत तौर पर लेते हैं, जिससे क्षेत्र में नाराज़गी का माहौल है।

ग्राम प्रधान रजनी रावत के साथ क्रांति राणा, दिनेश भट्ट, धनवीर रावत, आशीष नेगी, आयुष मंडोला और बंटी राणा सहित कई ग्रामीणों ने भी विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जनप्रतिनिधियों से पारदर्शिता और संवाद की अपेक्षा जताई।

गांव में अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या विकास पर्व का यह आयोजन वास्तव में विकास के लिए था या राजनीति का नया अध्याय शुरू करने की कोशिश।