

लोकेशन: दिनेशपुर
रिपोर्टर: महेंद्र पाल सिंह

लगभग ढाई लाख आबादी वाले क्षेत्र दिनेशपुर का श्री पुलिन कुमार विश्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आज पूरी तरह डॉक्टरविहीन हो गया है। अस्पताल में न तो कोई स्थायी डॉक्टर है और न ही आवश्यक मेडिकल स्टाफ। स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर केवल जर्जर इमारत और कागजी व्यवस्था ही बची है।




तीन महीने पहले तक यहां एक डॉक्टर तैनात थे, लेकिन उनके ट्रांसफर के बाद से अस्पताल खाली पड़ा है। फिलहाल एक महिला डॉक्टर गदरपुर से अस्थायी रूप से आती हैं, लेकिन वे भी विभागीय बैठकों और अन्य दायित्वों के कारण हफ्ते में केवल एक या दो दिन ही मरीजों को देख पाती हैं।

स्थिति इतनी गंभीर है कि सैकड़ों मरीज ओपीडी में पहुंचकर बिना इलाज के वापस लौट जाते हैं। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बन चुकी है।



डिलीवरी केस के लिए मरीजों को 15 किलोमीटर दूर रुद्रपुर या हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल जाना पड़ता है, जिससे कई बार रास्ते में ही गंभीर हादसे हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 60 के दशक में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी द्वारा यह अस्पताल बनवाया गया था, लेकिन आज यह पूरी तरह बदहाल है। न डॉक्टर, न नर्स, न वार्ड बॉय — केवल एक जर्जर बिल्डिंग रह गई है।


पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा —

“डबल इंजन सरकार केवल नाम की है। स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। दिनेशपुर में स्थायी डॉक्टर न होने से लोगों की जान जोखिम में है। सरकार जनहित के किसी भी मुद्दे पर संवेदनशील नहीं दिख रही।”
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही अस्पताल में स्थायी डॉक्टर और स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे।




