चंपावत में धूमधाम से मनाया गया बल्द त्यार, किसानों ने सजाए बैल और की पूजा-अर्चना

चंपावत में धूमधाम से मनाया गया बल्द त्यार, किसानों ने सजाए बैल और की पूजा-अर्चना

स्थान: लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

देवउठनी एकादशी और इगास पर्व के मौके पर बल्द त्यार (बैल त्योहार) जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया।

लोहाघाट के सीमांत क्षेत्र बगोटी, सुल्ला, पासम सहित आसपास के गांवों में सुबह से ही किसानों ने अपने बैलों को नहलाकर, हल्दी-उबटन व तेल से मालिश कर सजाया, और फूल-मालाओं से अलंकृत कर उनकी पूजा-अर्चना की।

किसानों ने अपने बैलों को उगाए गए अनाज से बनी खिचड़ी, पूए और पकवान खिलाकर धन-धान्य और समृद्धि का आशीर्वाद लिया।

पंडित प्रवीन पांडे ने बताया कि “यह पर्व इंसान और बैलों के बीच मेहनत, समर्पण और सम्मान का प्रतीक है। इसे हर वर्ष कार्तिक मास की एकादशी को मनाया जाता है।”

उन्होंने कहा कि भले ही आज आधुनिक खेती के साधनों के चलते पावर ट्रेलर और मशीनों का उपयोग बढ़ गया हो, लेकिन सीमांत क्षेत्रों में आज भी किसान पारंपरिक खेती और बैलों पर निर्भर हैं।

पंचेश्वर, गुमदेश, मंच, तामली आदि क्षेत्रों में भी सुबह से बल्द त्यार का उल्लासपूर्ण माहौल रहा। ग्रामीणों ने कहा कि बैल सदियों से किसानों के सच्चे साथी और जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।

इगास पर्व के साथ मनाया जाने वाला यह त्योहार पर्वतीय परंपरा और ग्रामीण संस्कृति का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।