कार्तिक पूर्णिमा पर्व से पहले प्रशासन सतर्क, डीएम मयूर दीक्षित ने मनसा देवी मंदिर क्षेत्र का किया निरीक्षण

कार्तिक पूर्णिमा पर्व से पहले प्रशासन सतर्क, डीएम मयूर दीक्षित ने मनसा देवी मंदिर क्षेत्र का किया निरीक्षण

हरिद्वार- उत्तराखंड
संवाददाता – मनोज कश्यप

आगामी कार्तिक पूर्णिमा पर्व को देखते हुए हरिद्वार प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को मां मनसा देवी मंदिर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा, सौंदर्यकरण एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्तिक पूर्णिमा से पहले मंदिर परिसर में बन रही स्थायी चौकी हर हाल में संचालित कर दी जाए। उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण के लिए ठोस और व्यवहारिक योजना तैयार की जाए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित हो सके।

डीएम मयूर दीक्षित ने मौके पर मौजूद सुरक्षा टीम को ब्रीफ किया और सब इंस्पेक्टर हाकम सिंह तोमर को निर्देशित किया कि पर्व के दौरान संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस, मंदिर ट्रस्ट और रोपवे प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में केवल मुख्य मंदिर को ही खोला जाए, ताकि व्यवस्था नियंत्रित रहे।

जिलाधिकारी ने मनसा देवी पहाड़ी क्षेत्र में कटाव रोकने और संरक्षण कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी निर्माण कार्य में जल्दबाजी या लापरवाही न हो और काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि 2 नवंबर से 6 नवंबर तक सभी निर्माण और मरम्मत कार्यों को रोका जाए और मंदिर परिसर के रास्तों से निर्माण सामग्री पूरी तरह हटा दी जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने मंदिर परिसर में चिकित्सा कक्ष की व्यवस्था देखी और स्वास्थ्य सेवाओं पर संतोष जताया। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।

डीएम ने धार्मिक सौंदर्यकरण को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में धार्मिक पोस्टर लगाए जाएं और निजी पोस्टर हटाए जाएं, ताकि क्षेत्र की गरिमा बनी रहे।

मयूर दीक्षित ने कहा कि मां मनसा देवी मंदिर का सौंदर्यकरण केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय और पर्यटन दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “मंदिर का कायाकल्प दिव्य और भव्य रूप में होना चाहिए, ताकि यहां आने वाला हर श्रद्धालु देवभूमि की आत्मा को महसूस कर सके।”