

स्थान: सितारगंज
रिपोर्ट: तनवीर अंसारी

सितारगंज के राजकीय महाविद्यालय सिसौना की हालत इन दिनों बद से बदतर हो चुकी है। कॉलेज परिसर में गंदगी का अंबार, जगह-जगह पानी भरा हुआ और नई बिल्डिंग में मकड़ी के जाले तक लटक रहे हैं। कॉलेज के मुख्य गेट से लेकर गलियारों तक नालियां गंदे पानी से लबालब हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है।





कॉलेज के बगल में स्थित क्रीड़ा स्थल की स्थिति भी बेहद खराब है। खेल मैदान में लंबी-लंबी घास और कूड़ा-करकट जमा है। छात्रों का कहना है कि मैदान अब खेल का नहीं बल्कि गंदगी का अड्डा बन चुका है।

छात्रों ने बताया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इस महाविद्यालय की स्थापना की थी, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की सुविधा मिले। लेकिन कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के चलते आज बिल्डिंग और कैंपस दोनों ही जर्जर स्थिति में हैं।





छात्रों का आरोप है कि कॉलेज की सफाई व्यवस्था कागजों में सिमटकर रह गई है। कुछ समय पहले कॉलेज परिसर में झाड़-झंखाड़ के बीच से निकले एक सांप ने छात्रा को काट लिया था, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने सफाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
स्थानीय लोगों और छात्रों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि कॉलेज की साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था तत्काल सुधारी जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिल सके।




