

स्थान – हरिद्वार
रिपोर्ट – धर्मराज

स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा 2025 में कथित नकल के आरोपों की जांच के सिलसिले में एकल सदस्य जांच आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यू.सी. ध्यानी मंगलवार को हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने एचआरडीए सभागार, हरिद्वार में लोक सुनवाई एवं जनसंवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता की।




न्यायमूर्ति ध्यानी ने बताया कि परीक्षा में कथित नकल के आरोपों की गहन जांच उनके नेतृत्व में की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, अभ्यर्थी या अभिभावक के पास इस प्रकरण से जुड़ी कोई जानकारी, साक्ष्य या दस्तावेज हैं, तो वे आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक हल्द्वानी, काठगोदाम और रुद्रपुर में भी जनसुनवाई और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, और आज हरिद्वार में यह चौथा कार्यक्रम आयोजित किया गया।



न्यायमूर्ति ध्यानी ने कहा, “सरकार इस प्रकरण को लेकर गंभीर है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है और सरकार ने सीबीआई जांच की भी संस्तुति की है। जल्द ही एसआईटी अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंपेगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा को निरस्त कर दिया है, ताकि किसी निर्दोष अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।

न्यायमूर्ति ध्यानी ने कहा कि जनसुनवाई कार्यक्रमों के माध्यम से जो भी सुझाव, साक्ष्य और तथ्य प्राप्त होंगे, उसी के आधार पर आयोग अपनी अंतिम जांच आख्या (रिपोर्ट) तैयार करेगा।

इस मौके पर जिला प्रशासन के अधिकारी, अभ्यर्थी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।



