


स्थान: चकराता

जनपद देहरादून के चकराता जनजातीय क्षेत्र के दो गांवों — कंदाड़ और इंद्रोली — ने समाज में सादगी और समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। गांव की सामूहिक बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि अब इन गांवों में शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में विवाहित महिलाएं केवल तीन आभूषण ही पहन सकेंगी — नाक की फूली, कानों के बुंदे और गले का मंगलसूत्र।



ग्रामीणों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सोने की बढ़ती कीमतों, दिखावे की प्रवृत्ति और आर्थिक असमानता को रोकना है। उन्होंने कहा कि अब कोई भी महिला तीन से अधिक गहने नहीं पहनेगी ताकि समाज में समानता बनी रहे और शादी जैसे अवसरों पर अनावश्यक खर्चों पर लगाम लग सके।


ग्रामीण तिलक सिंह रावत और टीकम सिंह रावत ने बताया कि गांव के सभी परिवारों ने इस निर्णय को सर्वसम्मति से स्वीकार किया है। उनका कहना है कि यह फैसला समाज में एक सकारात्मक संदेश देगा और आगे आने वाली पीढ़ियों को सादगी अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।


ग्रामीणों ने यह भी तय किया है कि यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उस पर 50 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

गांव की महिलाओं ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब शादी के समय गहनों को लेकर अनावश्यक तुलना और आर्थिक दबाव से मुक्ति मिलेगी। इससे परिवारों पर बोझ कम होगा और पारंपरिक आयोजनों में सादगी और एकता की भावना मजबूत होगी।


यह कदम न सिर्फ सामाजिक सुधार की दिशा में एक उदाहरण है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणा भी बन सकता है।



