चम्पावत में दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

चम्पावत में दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

स्थान: चंपावत
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

दीपावली पर्व के दूसरे दिन जिले में गोवर्धन पूजा पर्व पारंपरिक और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। जिले के विभिन्न स्थानों पर गौ पालकों ने विधि-विधान से गायों की पूजा-अर्चना की, उन्हें फल-फूलों की माला पहनाई और विभिन्न पकवान खिलाए। इस अवसर पर सभी ने गौ माता का आशीर्वाद लेकर सुख-समृद्धि की कामना की।

जिले के कामधेनु वात्सल्य सदन, मड़ पसोली चमदेवल, गौ सदन टनकपुर और गौ सदन गरसाडी पाटी में संचालकों द्वारा पशु बाड़ों की सफाई, स्वास्थ्य जांच और पूजा-अर्चना की गई। इसी तरह खेतीखान, लोहाघाट और चम्पावत क्षेत्र के गांवों में भी गोबर से बने गोवर्धन पर्वत पर भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति की पूजा-अर्चना की गई और गोवंशों को विशेष पकवान खिलाए गए।

लोहाघाट के कामधेनु वात्सल्य गौ सदन के संचालक शंकर दत्त पांडेय ने बताया कि उनके गो सदन में गायों को वस्त्र, मालाएं और खुट पहनाकर विशेष भोजन कराया गया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने इसी दिन गोवर्धन पर्वत उठाकर ग्रामीणों की रक्षा की थी। पंडित पांडेय ने बताया कि गौ माता में 33 कोटी देवी-देवताओं का वास होता है और गौ सेवा करने से पुण्य लाभ, सुख-समृद्धि और रोगों से मुक्ति मिलती है।

संचालक ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतर लोग गोवंश पालन छोड़कर उन्हें आवारा छोड़ रहे हैं, जो पाप का कारण बन रहा है। उन्होंने लोगों से गोवंश को आवारा न छोड़ने की अपील की। पांडेय ने बताया कि वे पिछले 18 वर्षों से 350 से अधिक गौवंशों की सेवा और संरक्षण कर रहे हैं, जिनकी देखभाल और सेवा उनके गोशाला में की जाती है।