लोहाघाट में देवदार के पेड़ों से उड़ रही पीली धूल बनी मुसीबत, बढ़ा एलर्जी और बीमारियों का खतरा

लोहाघाट में देवदार के पेड़ों से उड़ रही पीली धूल बनी मुसीबत, बढ़ा एलर्जी और बीमारियों का खतरा

स्थान: लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

लोहाघाट नगर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में इन दिनों देवदार के पेड़ों से निकलने वाली पीले रंग की धूल (परागकण) लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। हवा के साथ उड़ने वाली यह धूल अब घरों, कपड़ों, वाहनों और सड़कों पर जमने लगी है। पूरा वातावरण पीले रंग में ढका हुआ नजर आ रहा है, जिससे प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पीली धूल अब उनके दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है। खिड़कियों, दरवाजों, बर्तनों और फर्नीचर तक पर इसका असर दिख रहा है। कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ, छींक, खांसी और आंखों में जलन जैसी दिक्कतें हो रही हैं।

लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी और फार्मेसी अधिकारी योगेश कनौजिया ने बताया कि देवदार के पेड़ों से उड़ने वाले परागकणों के कारण एलर्जी, सर्दी-जुकाम और अस्थमा जैसी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि दमा के मरीजों और छोटे बच्चों के लिए यह धूल विशेष रूप से हानिकारक है।

डॉ. राठी ने लोगों से अपील की है कि वे घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें, और बच्चों व बुजुर्गों को यथासंभव बाहर जाने से बचाएं। उन्होंने कहा कि इस मौसम में थोड़ी सावधानी बरतकर लोग इस धूल से होने वाली बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।