


रिपोर्ट: सुनील बोरा

स्थान: नैनीताल

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान हुए बवाल, 5 सदस्यों के अपहरण और मतपत्र में ओवरराइटिंग की शिकायत पर स्वतः संज्ञान और पीड़ित पक्ष की याचिका पर एक साथ सुनवाई की।




मुख्य न्यायाधीश जी. नरेन्द्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार को अब तक की जांच रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि घटना की जांच सीआईडी को सौंपी गई है, जिसकी रिपोर्ट अभी लंबित है। हालांकि, पीड़ित पक्ष के अधिवक्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कहा कि घटना के दिन सीआईडी मौके पर मौजूद थी, इसलिए अब उसकी रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि जांच उच्च स्तरीय एजेंसी से कराई जाए।

इस पर अदालत ने राज्य सरकार से अब तक की कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

गौरतलब है कि 14 अगस्त को नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान भारी हंगामा, सदस्यों के अपहरण और मतपत्र में ओवरराइटिंग के आरोप लगे थे। अदालत ने उस समय इस पूरे मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए स्वतंत्र जांच के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत नहीं की गई है।

अब 15 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई, जिसमें राज्य सरकार को सीआईडी जांच की रिपोर्ट पेश करनी होगी।




