

रिपोर्ट – संजय जोशी
स्थान – रानीखेत

राजकीय अस्पताल के उच्चीकरण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर स्थानीय लोग धरने पर बैठे हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से जारी आमरण अनशन ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय कर दिया।




अनशन पर बैठे भुवन कठायत की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रानीखेत अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, कुछ लोग चौखुटिया रामगंगा में जल सत्याग्रह कर रहे हैं।


चौखुटिया धरना स्थल पर कुमाऊं मंडल के स्वास्थ्य निदेशक डॉ. के. के. पांडे और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. नवीन चंद्र तिवारी पहुंचे। उन्होंने अनशनकारियों से वार्ता की और कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति बनी।



स्वास्थ्य निदेशक डॉ. के. के. पांडे ने कहा कि आंदोलनकारियों से सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि 50 बैड वाले अस्पताल की मांग मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत शामिल है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था भी की जा रही है।
आंदोलनकारी भुवन कठायत ने कहा कि स्वास्थ्य ठीक होने के बाद वह पुनः आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने साथियों से आग्रह किया कि आंदोलन क्रमबद्ध और संयमित तरीके से किया जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुधार और उच्चीकरण के प्रयासों के बावजूद उन्हें अब भी स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में तुरंत सुधार की आवश्यकता है।




