


लोकेशन- रूड़की
संवाद्दाता- प्रिंस शर्मा

रुड़की में किसानों ने आज एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उत्तराखंड किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने 46वें दिन विशाल महापंचायत का आयोजन किया, जिसमें हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और वाहनों में सवार होकर पहुंचे।



जादूगर रोड पर जब किसानों का सैलाब उमड़ा तो पूरा इलाका “किसान एकता जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। मंच से बोलते हुए मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने प्रदेश और केंद्र सरकार दोनों पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि किसानों को अब तक सिर्फ़ उत्पीड़न मिला है, सम्मान नहीं। जब तक गन्ना बकाया भुगतान नहीं होगा, किसान न बिजली बिल देंगे, न ही किसी कर्ज की किश्त चुकाएंगे।

गुलशन रोड ने मुख्यमंत्री और गन्ना मंत्री से इस्तीफ़े की मांग की और स्मार्ट मीटर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि अगर विभाग ने ज़बरदस्ती की, तो किसान अपने खेतों से बिजली के खंभे तक उखाड़ देंगे।


महापंचायत में किसानों ने सरकार से गन्ने का दाम बढ़ाने, सोलानी नदी पर पुल निर्माण और 2041 मास्टर प्लान में किसानों की राय शामिल करने की भी मांग रखी।

मौके पर पहुंचे प्रशासन, पुलिस और विभागीय अधिकारियों को किसानों ने ज्ञापन सौंपा। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने किसानों को आश्वासन दिया कि 5 दिनों में समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

इस दौरान चीनी मिल प्रबंधन ने मंच पर ही गन्ना विभाग के डीसीओ को 5 करोड़ रुपये का चेक सौंपा, जिसे किसानों ने अपनी पहली जीत बताया।


कार्यक्रम में एसपी देहात शेखर चंद सुयाल, सीओ विवेक कुमार, सीओ नरेंद्र पंत और सीओ लक्सर नताशा सिंह भारी पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रहे।
रुड़की की यह महापंचायत एक बार फिर दिखा गई कि किसान अपने हक़ की लड़ाई लड़ना जानता है, अब सबकी नज़रें सरकार के अगले कदम पर हैं — क्या 5 दिन में किसानों की मांगें पूरी होंगी या आंदोलन और उग्र रूप लेगा?



