मसूरी में 100 वर्षों की परंपरा संग भव्य दशहरा उत्सव, शोभायात्रा और रावण दहन बने आकर्षण

मसूरी में 100 वर्षों की परंपरा संग भव्य दशहरा उत्सव, शोभायात्रा और रावण दहन बने आकर्षण

रिपोर्टर : सुनील सोनकर
स्थान : मसूरी

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में इस वर्ष दशहरा पर्व ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ मनाया गया। सनातन धर्म मंदिर सभा द्वारा 100 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अंतर्गत भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो सनातन धर्म मंदिर से शुरू होकर गांधी चौक तक पहुँची। इस यात्रा में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की जीवंत झांकियां मुख्य आकर्षण रहीं।

गांधी चौक पर अग्रवाल सभा की ओर से रावण का पुतला स्थापित किया गया, जहां भगवान राम के प्रतीक स्वरूप से रावण दहन किया गया। इसी क्रम में अप्पू घर मैदान में मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन व भाजपा मंडल के संयुक्त तत्वावधान में भी रावण दहन कार्यक्रम आयोजित हुआ।

पार्किंग स्थल पर ट्रेडर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित मेले का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने किया। मेले में बच्चों और युवाओं को अपने हुनर दिखाने का मंच मिला, जिन्हें पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर 78 वर्षीय चंद्रभान ने हनुमान जी का किरदार निभाते हुए पैदल चलकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। उनकी इस प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

सभा के अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने बताया कि मसूरी में यह परंपरा 100 वर्षों से निभाई जा रही है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ़ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, जो जनभावनाओं का प्रमाण है।” आयोजन में राधा कृष्ण मंदिर, साईं मंदिर, दुर्गा जागरण समिति और लक्ष्मी नारायण मंदिर का भी सहयोग रहा।

दशहरा पर्व के दौरान उमड़े भारी जनसैलाब ने धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को जीवंत कर दिया। मसूरी का यह दशहरा उत्सव एक बार फिर परंपरा और आधुनिकता के संगम का प्रतीक बना।