

स्थान – बाजपुर,किलाखेड़ा
रिपोर्ट – भूपेंद्र सिंह पन्नू

जनपद ऊधम सिंह नगर के केलाखेड़ा से बड़ी खबर है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने हाल ही में केलाखेड़ा स्थित हिन्द हॉस्पिटल में छापेमारी की, जिसमें अस्पताल के डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और तहसीलदार की मौजूदगी में हॉस्पिटल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।



स्वास्थ्य विभाग की टीम, जिसमें बाजपुर से अधिकारी शामिल थे, ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उप जिलाधिकारी को सूचना दी गई थी कि केलाखेड़ा में हिन्द हॉस्पिटल में डॉक्टरों की कोई व्यवस्था नहीं है, बावजूद इसके हॉस्पिटल में मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसके साथ ही आरोप था कि अस्पताल में अनैतिक कार्य भी हो रहे हैं।

चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.डी. गुप्ता ने बताया कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन तो मौजूद था, लेकिन वहां किसी योग्य डॉक्टर की अनुपस्थिति पाई गई। टीम ने हॉस्पिटल की जांच के दौरान कई कमियों को देखा, जिनमें चिकित्सकीय स्टाफ की अनुपस्थिति, अनियमित मरीज देखभाल और अस्पताल की मानक संचालन प्रक्रियाओं की अवहेलना शामिल थी।



जांच टीम के पहुंचते ही हॉस्पिटल में अफरा-तफरी मच गई और कई डॉक्टर मौके से फरार हो गए। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में तत्काल हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करने के लिए की गई कि भविष्य में इस तरह की अनियमितताएं दोबारा न हो।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने अस्पताल में उपलब्ध दस्तावेजों और मरीजों के रिकॉर्ड की भी जांच शुरू कर दी है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि हॉस्पिटल लंबे समय से बिना पर्याप्त डॉक्टरों के काम कर रहा था, और मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर सवाल उठ रहे थे।


हॉस्पिटल के सील होने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, लेकिन कई लोग चिंतित हैं कि मरीजों का इलाज अब कहां होगा। जिला प्रशासन ने बताया कि प्रभावित मरीजों के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में तात्कालिक इंतजाम किए जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अनियमितता और मानक प्रक्रिया के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉ. पी.डी. गुप्ता ने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ हॉस्पिटल को बंद करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को सुरक्षित और मानक अनुसार चिकित्सा सुविधा मिले। ऐसे सभी अस्पतालों की नियमित जांच की जाएगी।”

केलाखेड़ा हिन्द हॉस्पिटल में हुई यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग किसी भी अनियमितता के खिलाफ सख्त हैं। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने और स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी बनाने के लिए और भी कठोर कदम उठाए जाने की संभावना है।
यह मामला न केवल हॉस्पिटल के प्रबंधन के लिए चुनौती है, बल्कि पूरे जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा के लिए भी एक चेतावनी है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने की बात कही है कि अब किसी भी मरीज की देखभाल में अनियमितता नहीं होगी और सभी अस्पताल नियमों का पालन करेंगे।



