बाजपुर में ग्राम प्रधानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली नई दिशा

बाजपुर में ग्राम प्रधानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली नई दिशा

स्थान – बाजपुर
रिपोर्ट – भूपेंद्र सिंह पन्नू

बाजपुर: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल के मार्गदर्शन में, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बाजपुर डॉ. पी.डी. गुप्ता और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एम.के. जायसवाल के निर्देशन में ग्राम प्रधानों के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण एवं अध्ययन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर टीबी रोगियों के उपचार और उनके पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

खंड विकास अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी ग्राम प्रधानों को “निक्षय मित्र” बनने और टीबी रोगियों को पोषण पोटली उपलब्ध कराने की विशेष अपील की गई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी रोगियों की देखभाल और उनके स्वास्थ्य में सुधार सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत पहल की गई।

इस अवसर पर संसाधन व्यक्ति के रूप में बाजपुर की ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सुखमन ओलख, खंड विकास अधिकारी श्री शेखर जोशी, प्रधान संघ अध्यक्ष श्रीमती राजविंदर कौर, प्रधान संघ की सचिव श्रीमती मनप्रीत कौर, NTEP एवं वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक बाजपुर से श्री अजीत कुमार, WHP से डिस्ट्रिक्ट लीड श्री पंकज जोशी, कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर श्री सुरेंद्र सिंह, श्रीमती बसंती मेवाड़ी एवं श्री पुनीत कुमार ए.पी. सिंह भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों को टीबी रोग की पहचान, प्रारंभिक लक्षणों की जानकारी, रोगियों को सही समय पर चिकित्सकीय सहायता दिलाने और पोषण संबंधी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों को बताया कि टीबी का समय पर उपचार न केवल रोगी की जान बचाता है, बल्कि पूरे पंचायत को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानों ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अपनी-अपनी पंचायतों को “टीबी मुक्त” बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। उन्होंने यह प्रतिज्ञा की कि वे अपने क्षेत्रों में टीबी रोगियों की सक्रिय निगरानी करेंगे, उनके उपचार में सहयोग करेंगे और जागरूकता अभियान को गति प्रदान करेंगे।

ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सुखमन ओलख ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रधानों से अपील की कि वे अपने पंचायतवासियों में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाएं और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय योगदान दें।

खंड विकास अधिकारी श्री शेखर जोशी ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है और ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से रोगियों की मदद करना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से न केवल ग्राम प्रधानों की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी सुधार पाएगी।

डॉ. के.के. अग्रवाल ने अपने मार्गदर्शन में बताया कि टीबी रोग से लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राम स्तर पर हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पोषण पोटली वितरण और “निक्षय मित्र” कार्यक्रम के माध्यम से टीबी रोगियों को आवश्यक सहायता और उचित आहार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।

इस आयोजन से यह संदेश गया कि स्थानीय नेतृत्व, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से निपटा जा सकता है। उपस्थित अधिकारियों और ग्राम प्रधानों ने यह भी आश्वासन दिया कि इस पहल को निरंतरता दी जाएगी और हर पंचायत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य पूर्ण किया जाएगा।

बाजपुर में आयोजित यह प्रशिक्षण एवं अध्ययन कार्यक्रम न केवल टीबी जागरूकता को बढ़ावा देने वाला था, बल्कि ग्रामीण नेतृत्व को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जिम्मेदार बनाने और उनके समन्वय को मजबूत करने वाला भी साबित हुआ। इस पहल से यह स्पष्ट हो गया कि पंचायत स्तर पर सक्रिय सहभागिता के बिना टीबी मुक्त भारत जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव नहीं है।