

टॉप…. हल्द्वानी
रिपोर्ट…. ऋषि कपूर


क्षेत्र में बदहाल सड़कों से त्रस्त ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को फूट पड़ा। टूटी-फूटी सड़कों और गहरे गड्ढों से परेशान ग्रामीणों ने एक अनोखे अंदाज़ में विरोध जताते हुए सड़कों के गड्ढों में झंडा गाड़ दिया। इस प्रतीकात्मक विरोध के ज़रिए उन्होंने शासन-प्रशासन को साफ संदेश दिया कि अब बर्दाश्त की सीमा पार हो चुकी है।


ग्रामीणों ने बताया कि इलाके की सड़कों की हालत लंबे समय से बेहद खराब है। कई बार शिकायतों के बावजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। सड़क के गड्ढों के कारण रोज़ाना दुर्घटनाएं हो रही हैं, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सफर में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।


ग्रामीणों की आवाज़
प्रदर्शन कर रहे एक ग्रामीण ने कहा:
“सरकार कहती है कि गांवों में विकास हो रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि हमारे गांव की सड़कें कब की मर चुकी हैं। हम कागज़ों पर नहीं, ज़मीन पर विकास चाहते हैं।”


दी चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को सप्ताहभर का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि जल्द मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे सड़क जाम, धरना-प्रदर्शन और आंदोलन जैसे बड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे।

विरोध के दृश्य:
झंडे गड्ढों में गाड़ने के इस विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें ग्रामीणों का गुस्सा साफ तौर पर देखा जा सकता है।

निष्कर्ष:
यह विरोध न सिर्फ बदहाल सड़कों पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ग्रामीण अब खामोश रहने को तैयार नहीं हैं। विकास की असली तस्वीर अब सड़कों पर उतर रही है — गड्ढों के रूप में।



