

स्थान : देहरादून


यूकेएसएसएससी (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) की हालिया परीक्षा में पेपर लीक की खबर ने राज्यभर के युवाओं को झकझोर कर रख दिया है। बीते दिन राजधानी देहरादून की सड़कों पर इस गुस्से का ज़बरदस्त नज़ारा देखने को मिला, जब हजारों की संख्या में युवा सड़कों पर उतर आए और आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।



हालांकि प्रशासन ने किसी भी प्रकार के प्रदर्शन को रोकने के लिए घंटाघर और आस-पास के क्षेत्रों में धारा बीएनएस 163 (जिसके तहत पांच या उससे अधिक व्यक्ति एक स्थान पर एकत्र नहीं हो सकते) लागू कर दी थी, लेकिन युवाओं के जोश और आक्रोश के आगे प्रशासन की ये कोशिशें नाकाम साबित हुईं। न सिर्फ प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती गई, बल्कि जगह-जगह पुलिस के बैरिकेड्स भी तोड़े गए।


प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने आरोप लगाया कि आयोग बार-बार उनकी मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और आयोग को भंग नहीं किया जाता, तब तक ये आंदोलन थमने वाला नहीं है।


इस पूरे घटनाक्रम पर इंडिया न्यूज़ की टीम ने ग्राउंड ज़ीरो से विशेष रिपोर्टिंग की। युवाओं की आंखों में गुस्सा ही नहीं, बल्कि सिस्टम के प्रति गहरा अविश्वास भी साफ नजर आया। एक छात्र ने कैमरे के सामने कहा,
“हमने दिन-रात मेहनत की और अब बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं। अगर यही चलता रहा, तो हम अपने भविष्य के लिए कहां जाएं?”

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि:
- पेपर लीक की उच्च स्तरीय जांच हो
- आयोग के दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाई जाए
- युवाओं को नौकरी के लिए ठोस आश्वासन मिले

इस बीच, पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही, लेकिन माहौल पूरे दिन तनावपूर्ण बना रहा।



