प्राथमिक टीचर्स संघ ने टीईटी अनिवार्यता का किया विरोध, सरकार को सौंपा ज्ञापन

प्राथमिक टीचर्स संघ ने टीईटी अनिवार्यता का किया विरोध, सरकार को सौंपा ज्ञापन

स्थान – खटीमा /उधम सिंह नगर
रिपोर्ट – अशोक सरकार

उत्तराखंड स्टेट प्राइमरी टीचर संघ ने 1 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सभी प्राथमिक शिक्षकों के लिए टीचर पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य करने के निर्णय का विरोध करते हुए शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि जब उनकी नियुक्ति हुई थी, तब उनकी पूरी योग्यता के अनुसार नियुक्ति की गई थी, इसलिए नए आदेश को अव्यवहारिक बताया जा रहा है।

खटीमा के अध्यक्ष कमान सिंह सामंत ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने पूरे देश में प्राथमिक शिक्षकों को टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया है और इसके लिए दो वर्ष का समय दिया गया है। उनका कहना है कि यह आदेश पुराने नियमों और नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ है।

टीचर्स संघ ने केंद्र सरकार पर दबाव डालकर अध्यादेश के माध्यम से इस आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षकों द्वारा व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

सामंत ने कहा, “इस निर्णय से सभी प्राथमिक टीचर्स में भारी आक्रोश है और हमारी आवाज़ तब तक बुलंद रहेगी जब तक न्याय नहीं मिलता।”


टीचर्स की चिंता को ध्यान में रखते हुए सरकार और न्यायालय को संतुलित समाधान निकालना आवश्यक है ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।