अंतरराष्ट्रीय खेलों में चमका हल्द्वानी, एशियाई कैडेट कप फेंसिंग प्रतियोगिता का आगाज़मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया उद्घाटन, 17 देशों के खिलाड़ी ले रहे भाग

अंतरराष्ट्रीय खेलों में चमका हल्द्वानी, एशियाई कैडेट कप फेंसिंग प्रतियोगिता का आगाज़मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया उद्घाटन, 17 देशों के खिलाड़ी ले रहे भाग

स्थान:हल्द्वानी

राष्ट्रीय खेलों की शानदार मेज़बानी के बाद उत्तराखंड एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन का केंद्र बन गया है। हल्द्वानी के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में एशियाई कैडेट कप तलवारबाजी (फेंसिंग) प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। यह प्रतियोगिता 22 सितंबर तक चलेगी।

इस चार दिवसीय प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि तलवारबाजी भारत की पारंपरिक और गौरवशाली युद्धकला रही है, जिसका उल्लेख शास्त्रों से लेकर झांसी की रानी जैसी वीरांगनाओं के इतिहास में मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “आज फेंसिंग अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहा है, और उत्तराखंड के खिलाड़ी भी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा से राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं।” उन्होंने इस आयोजन के लिए भारतीय तलवारबाजी संघ और राज्य खेल विभाग को बधाई दी।

खेलों को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। उन्होंने घोषणा की कि:

  • हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना जल्द की जाएगी।
  • लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी।

सीएम धामी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “खेल भूमि” के रूप में एक नई पहचान दी है।

17 देशों के 190 खिलाड़ी मैदान में

इस एशियाई कैडेट कप में 17 देशों के 190 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिनमें

  • 46 विदेशी खिलाड़ी (33 पुरुष व 13 महिलाएं)
  • और 144 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं।

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले देशों में शामिल हैं:
भारत, मंगोलिया, ईरान, बहरीन, इराक, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, मलेशिया, फिलीपींस, उज्बेकिस्तान, थाईलैंड, ब्रुनेई, ऑस्ट्रेलिया, तुर्कमेनिस्तान, लेबनान, ताजिकिस्तान और श्रीलंका।

✅ आयोजन से उत्तराखंड को खेल पर्यटन में मिलेगी बढ़त

इस आयोजन से उत्तराखंड को खेल पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए आकर्षण केंद्र बनने में मदद मिलेगी। स्थानीय युवाओं को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा।