

रिपोर्ट : भगवान सिंह
स्थान : श्रीनगर गढ़वाल


लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) द्वारा किए गए करोड़ों रुपये के घोटाले से पीड़ित निवेशकों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। घोटाले के खिलाफ नई क्रांति मानव चेतना नागरिक एकता संगठन के बैनर तले पीड़ित महिलाओं और उपभोक्ताओं ने श्रीनगर गढ़वाल में जोरदार धरना प्रदर्शन किया।


LUCC कंपनी के अचानक बंद हो जाने के बाद, उत्तराखंड के हजारों निवेशकों की जमा पूंजी फंस गई है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। 183 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे निवेशकों ने सरकार से मांग की कि उनकी गाढ़ी कमाई उन्हें वापस दिलाई जाए।


पौड़ी, कोटद्वार, रुद्रप्रयाग, मलेथा, घनसाली, टिहरी और देवप्रयाग समेत कई क्षेत्रों से आईं महिलाओं ने बताया कि घोटाले से उनके जीवन में आर्थिक संकट गहराया है। वे कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन अभी तक उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं।


प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि कई दिनों से अनशन पर बैठी सरस्वती नेगी की हालत भी अब बिगड़ने लगी है, लेकिन फिर भी सरकार और प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे।

प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के मौके पर अलकनंदा नदी के घाट पर विरोध प्रदर्शन कर सरकार को यह संदेश देने की कोशिश की कि अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है।
महिलाओं ने एक सुर में कहा,


“हमने मेहनत करके पैसा कमाया था, LUCC में निवेश करके भविष्य संवारने की सोची थी, लेकिन अब वही पैसा डूबता दिख रहा है। सरकार से मांग है कि हमारी जमापूंजी हमें वापस दिलाई जाए।“

प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे प्रमुख लोग:
ओमकार पटवाल, बिमला सक्सेना, जानकी देवी, गंगा देवी, दीप्ति देवी, अलका रावत, लक्ष्मी भट्ट, मीना रावत, बीना देवी, कृष्णा, मंजू देवी, यशोदा देवी, रेखा देवी, राजेश्वरी देवी, चमियाला, संदीप रावत, रजनी देवी, मकानी देवी, अनीता कुमाऊनी, कुसुम देवी, निर्मला रावत, कुंती राणा आदि।

निवेशकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


