

रिपोर्टर : शहजाद अली

हरिद्वार, 17 सितंबर 2025

भारतीय किसान यूनियन वेलफेयर फाउंडेशन समेत 23 किसान संगठनों ने आज हरिद्वार से एक विशेष प्रतीकात्मक मार्च की शुरुआत की। इस मार्च की खास बात यह रही कि किसान गंगा जल लेकर संसद की ओर रवाना हुए। इससे पहले चौधरी चरण सिंह किसान घाट पर किसानों ने विधिविधान से मां गंगा की पूजा-अर्चना की और गंगा जल को न्याय और सत्य का प्रतीक मानते हुए अपनी मांगों के साथ दिल्ली कूच किया।




क्यों लिया गया गंगा जल?
किसानों ने बताया कि वे गंगा जल को साथ लेकर संसद इसलिए जा रहे हैं ताकि वे सांसदों को शपथ दिला सकें कि वे किसानों से किए गए वादों को याद रखें और उन्हें निभाएं।

किसानों की प्रमुख मांगें:
- गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने 14 दिन के अंदर भुगतान का आदेश दिया था, जिसका अब तक पालन नहीं हुआ।
- सरकार ने गन्ना मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल करने का वादा किया था, लेकिन अब तक लागू नहीं किया गया।
- किसानों ने सिर्फ एक टैक्स — या तो रोड टैक्स या टोल टैक्स — लिए जाने की मांग की है।
- उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को उत्तराखंड की तरह स्वेच्छा से लगाए जाने की मांग।
- बाढ़ग्रस्त राज्यों में त्वरित राहत कार्य शुरू करने की अपील।



सांसदों को शपथ दिलाने की तैयारी
किसानों ने स्पष्ट किया कि वे संसद भवन पहुंचकर वहां मौजूद सांसदों को गंगा जल की शपथ दिलाएंगे, ताकि वे अपने वादों को भूल न जाएं और उन्हें गंभीरता से निभाएं।
किसान नेताओं का आरोप
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार अदालतों के आदेशों को भी नजरअंदाज कर रही है, जो लोकतंत्र और किसान दोनों के लिए चिंता का विषय है।


प्रशासन सतर्क, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
गंगा जल लेकर किए जा रहे इस मार्च को देखते हुए दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड प्रशासन अलर्ट मोड में है। सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसान नेताओं से बातचीत का प्रयास भी जारी है।




