

लोकेशन- ऋषिकेश

संवाददाता – सागर रस्तोगी

ऋषिकेश, 16 सितंबर। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने ऋषिकेश और उसके आसपास के इलाकों में तबाही मचा दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों पर भी साफ देखने को मिल रहा है।

रंभा नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिससे शिवाजी नगर और एम्स के आसपास के घरों में पानी घुस गया है। इसी तरह चंद्रेश्वर नगर में भी एक बरसाती नाले के उफान पर आने से कई घरों में जलभराव हो गया। सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात हैं।





चंद्रभागा का रौद्र रूप
चंद्रभागा नदी भी उफान पर है। नटराज से ढालवाला के बीच बना पुल कुछ समय के लिए नदी के पानी में डूब गया। जब चंद्रभागा का पानी हाईवे पर आया, तो पुलिस ने वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी।

14 बीघा क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो गई है, जहां चंद्रभागा के तेज बहाव में तटबंध का लगभग 50 मीटर हिस्सा बह गया। इससे इस क्षेत्र की आबादी को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। फिलहाल सिंचाई विभाग और पुलिस मिलकर वायर क्रेट और सेटबैक लगाने में जुटे हैं।


अन्य क्षेत्रों में भी जल संकट
- मनसा देवी क्षेत्र में जंगल का पानी घरों तक पहुंच गया है।
- रेलवे ट्रैक के पास भी जलभराव के कारण रेल संचालन प्रभावित हुआ है।
- श्यामपुर नटराज बायपास मार्ग पूरी तरह पानी से भर गया है।
- रायवाला के पास सौंग नदी भी उफान पर है।
- गंगा नदी अभी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है, लेकिन स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
- त्रिवेणी घाट पर आरती स्थल पूरी तरह गंगा में डूब चुका है।
प्रशासन अलर्ट पर, मदद जारी
प्रशासन ने लोगों को गंगा और अन्य बरसाती नदियों से दूर रहने की सलाह दी है। पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासनिक टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। कई जगहों पर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।



स्थानीय जनता और पार्षद ने उठाई आवाज़
पार्षद लव कंबोज ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि रंभा नदी के किनारे तटबंध बनाने की मांग कई बार की गई, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। इसी का नतीजा है कि आज लोगों के घरों में पानी भर गया और उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा।
प्रभावित लोगों ने बताया कि पहले से ही बारिश के चलते रोजगार प्रभावित है, और अब घरों में पानी भरने से खाने-पीने की भी दिक्कतें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार से तुरंत राहत और आर्थिक सहायता की मांग की है।



