

संवाददाता – मनोज कश्यप

हरिद्वार, 16 सितंबर।
हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज में रविवार को “इंडियन AI: फेथ एंड फ्यूचर” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस वैश्विक मंच पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।




कार्यक्रम का आयोजन देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या के नेतृत्व में किया गया। इस कार्यशाला में नोबेल पुरस्कार विजेता, अंतर्राष्ट्रीय एआई संगठनों के सीईओ, नीति-निर्माता, टेक्नोलॉजी लीडर्स और 20 से अधिक देशों के वैज्ञानिक व विशेषज्ञों ने शिरकत की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा,

“AI आज जीवन के हर क्षेत्र में प्रभावशाली हो चुका है। ऐसे सम्मेलन आने वाले समय में नई दिशा देंगे। यहाँ जो विचार-विमर्श हो रहा है, वह देश-दुनिया के लिए लाभकारी होगा।”


आपदा प्रबंधन पर मुख्यमंत्री धामी सक्रिय
इस बीच राज्य में लगातार हो रही बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, ऋषिकेश समेत कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित है। कई संपर्क मार्ग टूट चुके हैं और संपत्तियों को व्यापक नुकसान हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत व सहायता उपलब्ध कराई जाए।



मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस आपदा की घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह लगातार राज्य की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग और सहायता का आश्वासन मिला है।

“आपदा प्रबंधन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार दोनों पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय हैं। जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” — सीएम धामी

वैश्विक विशेषज्ञों ने की एआई के भविष्य पर चर्चा
कार्यशाला में शामिल अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और नैतिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। अमेरिका, इटली, स्विट्जरलैंड, संयुक्त राष्ट्र जैसे देशों और संगठनों से आए विशेषज्ञों ने AI और मानवीय मूल्यों के संतुलन पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य AI को भारतीय परंपराओं और सामाजिक संरचना के अनुरूप समझना और उसका उपयोग लोकहित में करना रहा।



