

ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग पर लापरवाही के आरोप, वन मंत्री बोले- संवेदनशीलता से हो रही कार्रवाई

देहरादून
उत्तराखंड के पोखड़ा रेंज अंतर्गत श्रीकोट गांव में गुलदार ने एक दर्दनाक घटना को अंजाम दिया, जब वह एक घर में खेल रही मासूम बच्ची को उठाकर जंगल की ओर ले गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने पूरी रात बच्ची की तलाश की, लेकिन सुबह झाड़ियों से बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
इस घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।



गांव में लगा डर का साया
ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार की लगातार बढ़ती गतिविधियों से क्षेत्र में डर बना हुआ है। इससे पहले भी आस-पास के क्षेत्रों में गुलदार के हमले की घटनाएं हो चुकी हैं।
वन विभाग की लापरवाही पर नाराज़गी जताते हुए ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे।



वन विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू
घटना के बाद वन विभाग ने गांव में दो पिंजरे लगाने की तैयारी की है। साथ ही, ट्रेंकुलाइजिंग टीम को तैनात करने की कवायद भी शुरू की गई है।
वन विभाग का कहना है कि गुलदार की लोकेशन ट्रेस की जा रही है, और उसे जल्द पकड़ने का प्रयास जारी है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल का बयान
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा:
“सरकार वन्य जीव और मानव संघर्ष के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। जहाँ भी ऐसी घटनाएं होती हैं, वहाँ ट्रेंकुलाइजिंग टीमें भेजी जाती हैं, साथ ही ग्रामीण इलाकों में सोलर लाइट, जागरूकता अभियान और अन्य प्रयास किए जा रहे हैं।”
मंत्री ने दावा किया कि विभाग त्वरित कार्रवाई कर रहा है, लेकिन ऐसी घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।


ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि:

- गुलदार को जल्द से जल्द पकड़कर इलाके को सुरक्षित किया जाए
- गांव में स्थायी रूप से ट्रेंकुलाइजिंग टीम और पिंजरे तैनात किए जाएं
- रात में सोलर लाइट्स और सुरक्षा उपायों को तत्काल बढ़ाया जाए
- पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाए



