प्रदेश सरकार की कमजोर पैरवी से जनता में आक्रोश, अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे लोग
कोटद्वार, 15 सितम्बर संवाददाता – दलीप कश्यप/कोटद्वार कोटद्वार की “लाइफलाइन” कहे जाने वाले चिल्लरखाल-लालढांग मोटर मार्ग के निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस बहुप्रतीक्षित मार्ग के लिए स्थानीय जनता अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्रीय विकास की रीढ़ है, और इसे बनवाना अब राजनीतिक इच्छा शक्ति पर निर्भर है।
धरने में सभी राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर आमजन शामिल हो रहे हैं, और कोटद्वार के विकास के लिए एकजुटता दिखाई जा रही है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी का समर्थन
धरनास्थल पर पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने जनता को भरोसा दिलाया कि पूरी कांग्रेस पार्टी इस आंदोलन के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:
“अगर राज्य सरकार चाहती तो यह सड़क अब तक बन चुकी होती। सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पैरवी नहीं कर रही है, जिससे कोटद्वार की जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है।”
जनता में भारी आक्रोश
धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि चिल्लरखाल-लालढांग मोटर मार्ग क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। इस मार्ग के निर्माण से न केवल कोटद्वार का संपर्क हरिद्वार व लालढांग से बेहतर होगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
चिल्लरखाल-लालढांग मार्ग वन्यजीवों के संरक्षण क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। लेकिन जनता का कहना है कि राज्य सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं उठा रही है, और कोर्ट में प्रभावी पैरवी न होने से यह योजना अधर में लटकी हुई है।
आगे की रणनीति
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, उनका धरना अनिश्चितकालीन जारी रहेगा। पूर्व मंत्री नेगी ने कहा कि यदि सरकार जल्द ही कोई सकारात्मक पहल नहीं करती, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा।