राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के चार वर्ष पूर्ण

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के चार वर्ष पूर्ण

उत्तराखंड के विकास में मिशन मोड पर काम कर रहे हैं राज्यपाल, उच्च शिक्षा से लेकर तकनीकी नवाचार तक किए महत्वपूर्ण कार्य

राजभवन, देहरादून | सितम्बर 15, 2025

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज अपने चार वर्ष के कार्यकाल को पूर्ण कर लिया। 15 सितम्बर 2021 को उत्तराखंड के राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद से वे निरंतर राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। राज्य की सामाजिक, शैक्षिक और तकनीकी उन्नति के लिए उन्होंने पांच प्रमुख मिशनों – रिवर्स पलायन, महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जैविक कृषि व वेलनेस – को अपनी प्राथमिकता में रखा।


उच्च शिक्षा में लाए बड़े सुधार

राज्यपाल ने “वन यूनिवर्सिटी, वन रिसर्च” योजना के तहत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को शोध आधारित समाजोपयोगी प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश दिया, जिसकी रिपोर्टें प्राप्त हो चुकी हैं।
इसके साथ ही ‘उत्तराखंड कॉलेज एफिलिएशन पोर्टल’ के माध्यम से कॉलेजों की संबद्धता प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बना दिया गया है।

कुलपति चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इंटरव्यू की वीडियो रिकॉर्डिंग का प्रावधान किया गया, वहीं ‘यूनिवर्सिटी कनेक्ट’ और ‘यूनिसंगम’ जैसे मोबाइल ऐप्स के माध्यम से विश्वविद्यालयों और राजभवन के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ।


तकनीकी नवाचारों की पहल

राजभवन देहरादून को पूरी तरह AI आधारित ऑटोमेशन सिस्टम से सुसज्जित किया गया है जिसमें ई-ऑफिस, डिजिटल डैशबोर्ड और वर्चुअल टूर जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
राजभवन में ‘मैत्री चैटबॉट’, ‘गार्गी नारी शक्ति चैटबॉट’ और ‘इटरनल गुरु चैटबॉट’ जैसी पहलें की गई हैं जो तकनीक को सामाजिक सरोकारों से जोड़ती हैं।

चारधाम यात्रा की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए आईटीडीए द्वारा ‘चारधाम डैशबोर्ड’ विकसित किया गया है।


पर्यावरण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य

राजभवन परिसर में ‘नक्षत्र वाटिका’ की स्थापना की गई है, जिसमें 27 नक्षत्रों से संबंधित पौधों को रोपित किया गया है।
‘बोनसाई गार्डन’ का भी विस्तार किया गया है जिसमें 500 से अधिक बोनसाई पौधे हैं।
गौशाला, आरोग्यधाम केन्द्र और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था के जरिए राजभवन को ग्रीन राजभवन के रूप में विकसित किया जा रहा है।


महिला और बालिका सशक्तिकरण

राजभवन परिसर में बालिका आत्मरक्षा एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र शुरू किया गया है।
‘गार्गी नारी शक्ति चैटबॉट’ के जरिए महिलाएं कानूनी, करियर और स्वास्थ्य संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर रही हैं।


टीबी मुक्त भारत अभियान में नेतृत्व

राज्यपाल ने स्वयं 67 टीबी रोगियों को गोद लेकर निःक्षय मित्र के रूप में उन्हें इस रोग से मुक्त करने में योगदान दिया है। अभियान में अब तक 10,000 से अधिक निःक्षय मित्र सक्रिय हैं।


जन सहभागिता और संवाद

राजभवन में परिवार मिलन कार्यक्रम, जनता मिलन, पूर्व सैनिकों की शिकायतों के निवारण हेतु शिकायत निवारण अधिकारी की तैनाती जैसी पहलें राज्यपाल की संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाती हैं।


प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंच

राज्यपाल ने अब तक प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों का दौरा किया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने 51 में से 30 वाइब्रेंट विलेज का भ्रमण भी किया, जहां स्थानीय अधिकारियों और नागरिकों से सीधे संवाद कर समस्याओं और सुझावों को समझा।


केंद्रीय संस्थानों से समन्वय

प्रदेश में मौजूद 80 से अधिक केंद्रीय संस्थानों के प्रमुखों से दो चरणों में बैठकें कर राज्य की प्रगति में उनका सहयोग सुनिश्चित किया गया है।