हरीश रावत और प्रीतम सिंह का केंद्र पर हमला: ‘12 सौ करोड़ आपदा राहत ऊंट के मुंह में जीरा’

हरीश रावत और प्रीतम सिंह का केंद्र पर हमला: ‘12 सौ करोड़ आपदा राहत ऊंट के मुंह में जीरा’

स्थान-देहरादून

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत और प्रीतम सिंह ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर आपदा राहत, जलवायु रणनीति और मलिन बस्तियों के पुनर्वास को लेकर गंभीर सवाल उठाए। दोनों नेताओं ने केंद्र से मध्य हिमालयी क्षेत्रों के लिए राष्ट्रीय रणनीति की मांग करते हुए राज्य सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े किए।


प्रीतम सिंह का बयान:

“1200 करोड़ रुपये आपदा राहत के लिए ऊंट के मुंह में जीरा है।”

“2013 की केदारनाथ आपदा में हमारी सरकार ने हालातों पर नियंत्रण पाया था।”

“वर्तमान सरकार एलिवेटेड रोड के बहाने मलिन बस्तियों को उजाड़ने का काम कर रही है।”

“कांग्रेस हमेशा मलिन बस्तियों के हक में खड़ी रहेगी।”


हरीश रावत का जलवायु परिवर्तन पर फोकस:

“प्रधानमंत्री से हमें आपदा राहत से कहीं बड़ी अपेक्षा थी।”

“हम जलवायु परिवर्तन और मध्य हिमालयी क्षेत्रों के लिए राष्ट्रीय रणनीति की मांग कर रहे थे।”

“हिमालयी क्षेत्रों में आजीविका पर जलवायु संकट का गहरा असर हो रहा है।”

“यूपीए सरकार के समय जलवायु परिवर्तन को लेकर 8 मिशन लॉन्च किए गए थे, जिनमें एक मिशन मध्य हिमालय के लिए भी था।”

“आज जरूरत है कि केंद्र सरकार इस दिशा में ठोस राष्ट्रीय नीति बनाए।”



राजनीतिक मायने:

यह प्रेस वार्ता ऐसे समय आई है जब उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन, पर्यावरणीय चुनौतियाँ और मलिन बस्तियों के विस्थापन जैसे मुद्दे लोगों के बीच चर्चा में हैं।


कांग्रेस इन विषयों को लेकर एक बार फिर से जनता के बीच सक्रिय होती दिखाई दे रही है, जबकि सरकार पर “विकास बनाम विस्थापन” की बहस को और तेज कर रही है।