

स्थान-हरचंदपुर


लक्सर तहसील के हरचंदपुर गांव में ग्रामीणों के लिए बनाया गया सरकारी बारातघर आज अपनी बदहाली पर खून के आंसू रो रहा है।
कभी भव्यता की मिसाल रहा यह भवन, आज खंडहर में तब्दील हो गया है, जहां अब नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का कब्जा है।

भवन की बदहाली की कहानी

इस बारातघर को ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग द्वारा ग्रामीणों की सामाजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सालों पहले एक भव्य संरचना के रूप में तैयार किया गया था।
कुछ वर्षों तक इसका सही उपयोग हुआ, लेकिन समय के साथ इसमें:

पंखे, खिड़कियां, दरवाजे और बिजली वायरिंग चोरी हो गई


भवन की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं
पूरी संरचना खंडहर का रूप ले चुकी है


अवैध गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है भवन
आज यह बारातघर नशेड़ियों का स्थायी ठिकाना बन चुका है

भांग और अन्य मादक पदार्थों के अंश भवन के अंदर खुलेआम देखे जा सकते हैं
अवैध शराब की बिक्री की भी शिकायतें सामने आई हैं
दबंग ग्रामीणों ने बारातघर की जमीन पर अवैध कब्जा करते हुए पशुओं का गोबर डालना शुरू कर दिया है, जिससे आसपास के रहवासी भी बेहद परेशान हैं
ग्रामीणों की शिकायत पर भी नहीं जागा प्रशासन
स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार इस मामले की शिकायत लक्सर तहसील प्रशासन से की, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासन की लापरवाही के चलते यह सरकारी संपत्ति अब अपराध और गंदगी का अड्डा बनती जा रही है।
बड़ा सवाल:
क्या सरकारी संपत्ति की देखरेख की कोई जिम्मेदारी तय नहीं होती?
क्या शासन की “जनहित में योजनाएं” केवल उद्घाटन समारोह तक सीमित हैं?
क्या नशे और अराजकता को खुली छूट मिल गई है?
ग्रामीणों की मांग:

ग्रामीणों ने प्रशासन से बारातघर की मरम्मत, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने, तथा नशेड़ी और अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही अवैध कब्जा हटाने और भवन को सामाजिक उपयोग के लिए पुनः चालू करने की गुहार लगाई है।


