

स्थान – बाजपुर उधम सिंह नगर

संवाद्दाता-भूपेंद्र सिंह पन्नू



ग्राम पंचायत कनौरी, ब्लॉक बाजपुर से एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहां ग्राम विकास अधिकारी, जेई, रोजगार सेवक और ठेकेदार ने मिलकर मनरेगा (MGNREGA) के तहत बिना कोई कार्य किए तीन नालों की सफाई दर्शाकर करीब ₹10 लाख की बंदरबांट कर दी।


काम नहीं, सिर्फ कागज़ों पर सफाई
मामला छोई मार्ग पर स्थित तीन नालों की सफाई से जुड़ा है। आरोप है कि यह कार्य मौजूदगी में बिल्कुल नहीं हुआ, लेकिन कागजों पर इसे पूरा दिखा दिया गया और भुगतान भी निकाल लिया गया।
स्थानीय ग्रामीण नरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि:


“इन नालों की सफाई हम लोग खुद अपने खर्चे पर कराते आए हैं। आज तक कोई भी कार्य मनरेगा के तहत यहां नहीं हुआ है।“
प्रशासन को भनक तक नहीं!
इस घोटाले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ब्लॉक के उच्च अधिकारियों को इसकी कोई भनक नहीं लगी — या फिर सवाल ये भी उठता है कि क्या वो भी इस घोटाले में शामिल हैं?
जबकि सरकार “विकास और पारदर्शिता” की बात करती है, ब्लॉक स्तर पर बैठे कुछ अधिकारी खुलेआम भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं।

ग्रामीणों ने उठाई आवाज, की उच्चस्तरीय शिकायत
जैसे ही ग्रामीणों को इस घोटाले की भनक लगी, उन्होंने तुरंत जिलाधिकारी रुद्रपुर, कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शिकायत पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


अब सवाल यह है:
क्या जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही धामी सरकार इस मामले में वास्तव में कार्रवाई करेगी?
या फिर जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होगी और भ्रष्ट अधिकारियों को एक और मौका मिलेगा?


