

रिपोर्टर – शहजाद अली, हरिद्वार

ललतारौ पुल और रोड़ीबेल वाला क्षेत्र में सिंचाई विभाग की कार्रवाई से वेंडिंग जोन में बढ़ा विवाद

हरिद्वार में ललतारौ पुल और रोड़ीबेल वाला क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडर्स को नगर निगम द्वारा अलॉट की गई जगहों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इन क्षेत्रों में व्यवसाय कर रहे स्ट्रीट वेंडर्स को उत्तराखंड सिंचाई विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।



स्ट्रीट वेंडर्स ने बुधवार को सिंचाई विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें नगर निगम द्वारा सरकार की स्ट्रीट वेंडिंग योजना के तहत कानूनी रूप से अलॉटमेंट मिला है, फिर भी उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जो पूरी तरह से अनुचित और अन्यायपूर्ण है।


व्यापारी नेताओं का आरोप – “छोटे व्यापारियों को किया जा रहा है परेशान”
ज्ञापन सौंपने के दौरान व्यापारियों का नेतृत्व कर रहे नेता ने कहा कि नगर निगम ने पूरी प्रक्रिया के तहत वेंडिंग जोन चिन्हित कर, उन्हें स्थान उपलब्ध कराया। खासकर बिरला घाट के पास बड़ी संख्या में वेंडरों को दुकानें आवंटित की गईं। इसके बावजूद अब सिंचाई विभाग द्वारा जमीन के स्वामित्व का हवाला देकर कार्रवाई की जा रही है, जिससे छोटे व्यापारी बेहद परेशान हैं।


सिंचाई विभाग ने दी सफाई
वहीं, सिंचाई विभाग का कहना है कि जिस स्थान पर वेंडिंग जोन बनाया गया है, वह भूमि सिंचाई विभाग की स्वामित्व वाली है। बिना पूर्व अनुमति के वहां कोई निर्माण या व्यवसायिक गतिविधि नहीं की जा सकती। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगे की कार्रवाई नियमों के तहत की जाएगी और संबंधित पक्षों को मौका दिया जाएगा।


सवालों के घेरे में समन्वय की कमी
इस पूरे विवाद ने नगर निगम और सिंचाई विभाग के बीच समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है। एक ओर नगर निगम वेंडर्स को जगह अलॉट कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सिंचाई विभाग उस जमीन पर अधिकार जताकर कार्रवाई कर रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कैसे सुलझाता है, ताकि छोटे व्यापारियों को राहत मिल सके।




