

स्थान-देहरादून



राज्य में मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से हुई भारी क्षति का आंकलन करने के लिए अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम सोमवार को उत्तराखंड पहुंच गई। टीम की अगुवाई में राजधानी देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में बैठक आयोजित की गई, जहां सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने केंद्रीय टीम को आपदा से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी और प्रस्तुतीकरण दिया।


केंद्र से 5702.15 करोड़ रुपये की विशेष सहायता की मांग
उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और आपदा प्रबंधन के कार्यों हेतु केंद्र सरकार से 5702.15 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि की मांग की है। यह राशि आपदा से क्षतिग्रस्त:

सार्वजनिक परिसंपत्तियों,

अवस्थापना संरचनाओं,
आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों,
सड़क मार्गों,

तीर्थ यात्राओं से जुड़ी सुविधाओं के पुनर्निर्माण एवं संरक्षण के लिए आवश्यक बताई गई है।

आपदा से हुआ मानवीय और भौतिक नुकसान:
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल से 31 अगस्त 2025 के बीच राज्य में:
79 लोगों की मृत्यु,
90 लोग लापता,
115 लोग घायल,
3953 पशुओं की मृत्यु,
238 पक्के भवन और 2 कच्चे भवन पूर्णतः ध्वस्त,
2835 पक्के और 402 कच्चे भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त,
साथ ही कई होटल, दुकानें, होमस्टे और रेस्टोरेंट भी आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं।
चारधाम यात्रा और अन्य पर्यटन गतिविधियों के प्रभावित होने से राज्य को आर्थिक दृष्टि से भी गहरा नुकसान झेलना पड़ा है।

केंद्रीय टीम करेगी ज़मीनी स्तर पर निरीक्षण
बैठक के बाद केंद्रीय टीम विभिन्न जिलों के लिए रवाना हुई। टीम अगले दो दिनों तक छह आपदा प्रभावित जिलों में:
प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण करेगी,
पीड़ितों से बातचीत करेगी
तथा जिला प्रशासन से भी विस्तृत प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्राप्त करेगी।
इसके बाद टीम देहरादून लौटकर एक अंतिम समीक्षा बैठक करेगी, जिसमें वह अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपने से पहले राज्य सरकार से फीडबैक साझा करेगी।


