थराली की आपदा का असर: वार्ड-04 का खडगोला तोक भी खतरे की जद में, मकानों में दरारें, भूस्खलन से दहशत

थराली की आपदा का असर: वार्ड-04 का खडगोला तोक भी खतरे की जद में, मकानों में दरारें, भूस्खलन से दहशत

स्थान – थराली (चमोली)

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र थराली में आई भीषण प्राकृतिक आपदा का असर अब नगर पंचायत थराली के वार्ड-04 के खडगोला तोक में भी देखने को मिल रहा है। क्षेत्र में हो रहे लगातार भू-धंसाव और भूस्खलन के चलते कई घरों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे ग्रामीण भय के साये में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

मकानों में आईं दरारें, जमीन खिसकने लगी

खडगोला तोक में राजेंद्र सिंह पटवाल के मकान में 6 से 8 इंच चौड़ी मोटी दरारें पड़ चुकी हैं और घर के अंदर भू-धंसाव हो रहा है। वहीं करन पटवाल की कच्ची मकान भी पूरी तरह खतरे की जद में है।

इसी प्रकार नरेंद्र पटवाल, गजेंद्र पटवाल और पुष्कर पटवाल के किचन के ठीक सामने भूस्खलन हो रहा है, जबकि राकेश सिंह के मकान के नीचे से भी भूमि खिसक रही है।

गांव के कई घरों पर खतरा

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, खडगोला गांव में जगह-जगह हो रहे भू-धंसाव और भूस्खलन ने दर्जनों परिवारों की नींद उड़ा दी है। अब तक जिन लोगों के घरों में दरारें आ चुकी हैं, उनमें ये नाम शामिल हैं:

  • केदार सिंह पटवाल s/o देवसिंह
  • सावित्री देवी
  • केदार सिंह s/o जवाहर सिंह पटवाल
  • नरेंद्र सिंह
  • गजेंद्र सिंह
  • पुष्कर सिंह
  • राकेश सिंह
  • राजेंद्र सिंह
  • करन सिंह
  • कुंवर सिंह
  • मोहन सिंह
  • बलवीर सिंह
  • सुरेंद्र सिंह
  • चन्द्र सिंह

ग्रामीणों का कहना है कि स्थिति लगातार बिगड़ रही है और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

भूगर्भीय जांच की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उपजिलाधिकारी थराली खुद मौके का औचक निरीक्षण करें और क्षेत्र में भू-वैज्ञानिकों की टीम भेजकर भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया जाए, ताकि यह तय किया जा सके कि क्षेत्र में रहना सुरक्षित है या नहीं।

ग्रामीणों में भय और निराशा

खडगोला तोक के निवासी इस समय भय, चिंता और असुरक्षा की भावना से जूझ रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते स्थिति और भी भयावह होती जा रही है। लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं, लेकिन पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है।