

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्ट : ऋषि कपूर


नैनीताल जिले में पुलिस के खिलाफ जनता का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया, जब वरिष्ठ भाजपा नेता एवं हिंदूवादी चेहरा विपिन पांडे पर दर्ज मुकदमे के विरोध में मुखानी थाने का घेराव किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि प्रदर्शन में शामिल हुए।


विपिन पांडे का आरोप है कि उनके खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा द्वेष भावना से प्रेरित है और इसमें नैनीताल पुलिस की संलिप्तता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के नाम से एक्सीडेंट की शिकायत दर्ज कराई गई है, वह स्वयं उनके साथ मौजूद था और उसने भी पुलिस से स्पष्ट कहा है कि ऐसी कोई दुर्घटना हुई ही नहीं।


प्रदर्शन में वह शिकायतकर्ता व्यक्ति भी शामिल रहा, जिसके नाम से पुलिस ने मामला दर्ज किया है। उसने बताया कि वह पुलिस को लिखित रूप में अवगत करा चुका है कि उसका किसी तरह का एक्सीडेंट नहीं हुआ, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने मामला दर्ज कर रखा है और अब तक एफआईआर रद्द नहीं की गई है।



विपिन पांडे ने बताया कि घटना का स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है, जिससे सच्चाई साबित होती है, फिर भी पुलिस ने कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है।



इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य मीना पांडे ने भी पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि “मेरे पति को साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। शिकायतकर्ता स्वयं उनके साथ है, फिर पुलिस किस आधार पर कार्रवाई कर रही है?”

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और झूठे मुकदमे को तत्काल रद्द किया जाए। वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।


स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि जल्द ही मामले में न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़ा जन आंदोलन करने को बाध्य होंगे।


